सराफ के यहां गोली चलने पर जांच करने पहुंची पुलिस।
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संभवत: यह वही लुटेरा है, जिसे सराफ ने दबोच लिया था। इस कारण ही लूट नाकाम हो गई थी। हत्या कार में ही की गई थी। घटना के बाद एसएसपी सतिंदर सिंह सहित तमाम आला अधिकारी रात 8: 30 बजे मौके पर पहुंचे। मोहाली पुलिस आज इस मामले में आधिकारिक खुलासा करेगी।
मोहाली के एसएसपी सतिंदर सिंह ने बताया कि गांव संभालकी के पास जो शव मिला है, वह मनीमाजरा निवासी जसप्रीत सिंह का है। जसप्रीत सिंह चंडीगढ़ में सराफ को लूटने की कोशिश में शामिल था। इसका सुबूत वहां की सीसीटीवी फुटेज से मिलता है। जिस सफेद रंग की कार के पास उसका शव मिला, वह कार जसप्रीत सिंह की मां के नाम पर पंजीकृत है। जसप्रीत सिंह को दो गोलियां मारी गई हैं। जानकारी के मुताबिक ये बदमाश सेक्टर- 23 में वारदात को अंजाम देने में विफल होने के बाद सेक्टर-24 की तरफ से होते हुए मोहाली की ओर फरार हुए थे।
सराफ बंधुओं की दिलेरी के कारण लुटेरों को भागना पड़ा
चंडीगढ़ में इन बदमाशों ने वारदात बुधवार दोपहर बाद करीब 3.15 बजे की है। सेक्टर-23 मार्केट के एससीओ नंबर 40 में श्री गोल्ड टेस्टिंग के नाम से आभूषण की दुकान है। सेक्टर-35/डी निवासी दुकान मालिक संजय और उनके भाई दादा देवगन बैठे थे। इसी बीच सोना बेचने के बहाने तीन बदमाश दुकान में घुसे और पिस्टल तानकर सारा सोना एक बैग में डालने को कहा।
सीसीटीवी कैमरे में कैद आरोपी।
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दादा देवगन ने विरोध किया तो उनमें से एक ने दादा पर फायरिंग कर दी, जो उनके कंधे को जख्मी करते निकली। इस दौरान दादा के भाई संजय ने एक लुटेरे को पकड़ लिया लेकिन वह धक्का देकर अपने दो अन्य साथियों के साथ दो और फायर कर फरार हो गया। इस दौरान दुकान के बाहर सड़क पर कुछ नोट बिखर गए। सूचना पर एसपी सिटी विनीत कुमार, सेक्टर-17 थाना प्रभारी रामरतन समेत अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे।
थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का प्रयास, लूट समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। फॉरेंसिक टीम को घटनास्थल से दो खोल और एक कारतूस मिला। इसके अलावा आरोपी सीसीटीवी में भी कैद हो गए। दो लुटेरों के हाथ में पिस्टल नजर आ रही है।
सेक्टर-15 निवासी युवक के साथ गए थे आरोपी
चंडीगढ़ पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि तीनों बदमाश सेक्टर-15 निवासी रोहित के साथ फरार हुए हैं। थाना प्रभारी राम रतन शर्मा की टीम ने सेक्टर-15 से रोहित को हिरासत में ले लिया। रोहित ने बताया कि किसी जानकार के जरिए बदमाशों से उसका संपर्क हुआ था। उन्हें सोना बेचना था तो वह तीनों को लेकर उक्त दुकान पर पहुंचा था लेकिन वह अंदर नहीं गया और इसी बीच आरोपियों ने फायरिंग कर दी। इससे घबराकर वह भाग आया।