फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चंडीगढ़ में स्वास्थ्य विभाग का हाल: चौथी लहर सिर पर, अब तक नहीं बना बच्चों का कोविड अस्पताल

Wed, 20 Apr 2022 03:22 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

कोरोना की दूसरी लहर के बाद स्वास्थ्य विभाग को इमरजेंसी कोविड रिस्पॉन्स पैकेज-2 के तहत 5.6 करोड़ रुपये मिले थे। इससे बच्चों के लिए 32 बेड का कोविड डेडिकेटेड अस्पताल बनाया जाना था। सरकार के निर्देशानुसार इस अस्पताल का निर्माण 15 नवंबर 2021 तक पूरा होना था लेकिन यह तिथि कार्य योजना बनाने में ही निकल गई। 
विज्ञापन
बंद पड़ा निर्माण। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जीएमएसएच-16 में बच्चों के लिए प्रस्तावित 32 बेड के कोविड डेडिकेटेड अस्पताल के निर्माण पर लगा ग्रहण हटने का नाम नहीं ले रहा। दूसरी लहर के बाद ही इस अस्पताल को बनाने का निर्देश और बजट दे दिया गया था लेकिन तीसरी लहर के गुजरने और चौथी लहर की आशंका के बावजूद अस्पताल का निर्माण नहीं हो रहा। 

विज्ञापन


जीएमएसएच-16 के जिस नर्सिंग स्कूल की बिल्डिंग में यह अस्पताल बनाना है, वह जस का तस पड़ा है। उधर, स्वास्थ्य निदेशक का कहना है कि अस्पताल बनाने में थोड़ा वक्त लगता है। कितना वक्त लगेगा, इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता इसलिए योजना के पूरा होने में विलंब हो रहा है।  

गौरतलब है कि देश के कई हिस्सों में कोरोना के केस फिर से बढ़ने लगे हैं। ऐसे में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर तैयारियों पर ध्यान केंद्रित करना शुरू कर दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार की लहर में बच्चों पर ही खतरा रहेगा क्योंकि अब भी कई आयु वर्ग के बच्चे टीके से वंचित हैं। ऐसे में अगर चौथी लहर आने पर स्थिति बिगड़ी तो फिर बच्चों को इलाज देना मुश्किल होगा। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि उनके पास सेक्टर-45 और जीएमएसएच-16 में बच्चों के आईसीयू बेड उपलब्ध हैं। 

हर बार मिल रही अगली तारीख 
कोरोना की दूसरी लहर के बाद स्वास्थ्य विभाग को इमरजेंसी कोविड रिस्पॉन्स पैकेज-2 के तहत 5.6 करोड़ रुपये मिले थे। इससे बच्चों के लिए 32 बेड का कोविड डेडिकेटेड अस्पताल बनाया जाना था। सरकार के निर्देशानुसार इस अस्पताल का निर्माण 15 नवंबर 2021 तक पूरा होना था लेकिन यह तिथि कार्य योजना बनाने में ही निकल गई। 

आलम यह है कि जिस अस्पताल के लिए स्वास्थ्य विभाग को न तो अलग से बिल्डिंग बनानी है न ही मानव संसाधन की व्यवस्था करनी है, उसे लेकर ऐसी अनदेखी है। स्वास्थ्य विभाग की धीमी रफ्तार के कारण इस अस्पताल के निर्माण की अवधि बढ़ाकर जनवरी 2022 की गई लेकिन इस बार भी निराशा ही हाथ लगी। 
  
स्वास्थ्य विभाग के पास बच्चों के आईसीयू की व्यवस्था है। जहां तक बच्चों के कोविड डेडिकेटेड अस्पताल के निर्माण में विलंब की बात है तो उसे पूरा करने में तीन विभाग जुटे हुए हैं। इसके लिए कोई तय समय सीमा नहीं बताई जा सकती लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही काम पूरा हो जाएगा।  -डॉ. सुमन सिंह, स्वास्थ्य निदेशक। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें