ट्रांसपोर्ट चौक पर लगा एयर प्यूरिफायर।
- फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ के सेक्टर-26 स्थित ट्रांसपोर्ट चौक पर देश का सबसे ऊंचा वायु शोधक यंत्र (एयर प्यूरिफायर) बनकर तैयार हो गया है। इसकी ऊंचाई 24 मीटर है। खास बात यह है कि इसमें फिल्टर बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आधुनिक तकनीक वाले इस वायु शोधक यंत्र में लगा हाई स्पीड पंखा अपने आप गंदगी को साफ कर देगा। अंतरराष्ट्रीय शुद्ध वायु दिवस के मौके पर मंगलवार को प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित के सलाहकार धर्मपाल ने इसका उद्घाटन किया।
31 अगस्त से इस वायु शोधक यंत्र का परीक्षण चल रहा था, जिसमें पर्यावरण विभाग और इस यंत्र को बनाने वाली कंपनी को सफलता मिली है। परीक्षण में पाया गया कि ट्रांसपोर्ट चौक और इसके आसपास के क्षेत्र में वायु प्रदूषण 70 से 80 प्रतिशत तक घट गया है। वहीं, कंपनी का दावा है कि परीक्षण के दौरान यंत्र की वजह से चौक के आसपास का तापमान बाकी शहर से 10-12 डिग्री कम हुआ है।
इससे पहले दिल्ली में लगा 20 मीटर ऊंचा वायु शोधक यंत्र देश में सबसे ऊंचा था। नई तकनीक में सेक्शन प्रेशर से यह यंत्र प्रदूषित हवा को अपने अंदर खींचेगा। इसमें लगे हाई स्पीड पंखे हवा में बारीक धूल के कणों को इधर उधर फेंकेंगे और साफ हवा बाहर निकल देंगे। इस सतत प्रक्रिया में फिल्टर बदलने की भी जरूरत नहीं होगी। पहले के वायु शोधक यंत्र में तय समय पर फिल्टर बदलना पड़ता था, नहीं तो वह काम करना बंद कर देता था।
चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष देबेंद्र दलाई ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत शहर में पहला वायु शोधक यंत्र लगाने का प्रस्ताव एक कंपनी की ओर से दिया गया था। इसमें विभाग को केवल भूमि उपलब्ध करानी थी, शेष पूरा कार्य कंपनी को करना था। तत्कालीन प्रशासक वीपी सिंह बदनौर व उनके तत्कालीन सलाहकार मनोज परिदा से सहमति मिलने के बाद ट्रांसपोर्ट चौक पर इस यंत्र को लगाने की अनुमति दी गई। पर्यावरण सुरक्षा को लेकर बनाई गई इस योजना में किसी विभाग को भी कोई आपत्ति नहीं थी।
टावर की खासियत
- 24 मीटर है टावर की ऊंचाई
- 3.88 करोड़ क्यूबिक फुट हवा प्रतिदिन शुद्ध होगी
- 10-12 डिग्री तापमान गिर जाएगा चौक व आसपास के क्षेत्र का
- 5 करोड़ रुपये की लागत आई है
- 25 से 30 साल है यंत्र की उम्र