फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ओवरलोडिंग की होती थी मंथली पेमेंट, छह जिलों के डीसी और आरटीए तक पहुंचती वसूली की रकम

Tue, 30 Jul 2019 03:43 AM IST
ajay kumar हनी सोनी, अमर उजाला, चरखी दादरी (हरियाणा)
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

ओवरलोड वाहनों से वसूली (ओवरलोडिंग मंथली) मामले में पेश पुलिस की चार्जशीट में छह जिलों के डीसी और आरटीए भी चपेट में आ गए हैं। हालांकि, इसमें किसी अधिकारी के नाम का जिक्र नहीं है, लेकिन पुलिस के हत्थे चढ़े दोनों दलालों का साफ कहना है कि आरटीए स्टाफ के माध्यम से वसूली गई राशि डीसी और आरटीए तक जाती थी।

विज्ञापन


इसमें छह जिलों का आरटीए स्टाफ शामिल था। दलालों के माध्यम से सारा खेल खेला जाता था। आठ हजार रुपये लेकर एक वाहन को एक से दूसरे जिले में पार कराया जाता था। 

चार्जशीट के अनुसार, ओवरलोडिंग मंथली मामले में रोहतक पुलिस के हाथ लगे दोनों दलालों रोहतक के डेयरी मोहल्ला निवासी सुरेंद्र राठी और झज्जर के खरमाण निवासी रविंद्र उर्फ काला ने प्रदेश के छह जिलों के आरटीए स्टाफ को मंथली देने की बात कबूली है। उन्होंने चरखी दादरी, नारनौल, झज्जर, रोहतक, भिवानी व सोनीपत में आरटीए स्टाफ के लिए ओवरलोड वाहनों से उगाही करने वाले दस अन्य दलालों के नाम भी बताए हैं। 
विज्ञापन


सूत्रों की मानें तो दलालों की संख्या अधिक हो सकती है। सुरेंद्र और रविंद्र ने पुलिस को बताया कि दादरी और नारनौल से डस्ट, रेती व रोड़ी भरकर चले ओवरलोड वाहनों को प्रदेश के छह जिलों से बिना चालान के पार कराते थे। इसके बदले दादरी, नारनौल, झज्जर, रोहतक, भिवानी व सोनीपत के आरटीए स्टाफ को मंथली दी जाती थी।

प्रत्येक जिले से एक ओवरलोड गाड़ी निकलवाने के लिए आठ हजार रुपये दिए जाते थे। इन जिलों के आरटीए स्टाफ के साथ दलालों की मिलीभगत थी। मंथली की राशि स्टाफ की मार्फत आरटीए और डीसी तक पहुंचती थी। ये लोग पिछले करीब सात माह से ओवरलोड वाहनों से वसूली कर रहे थे। 

Trending Videos

रोहतक में टीएसआई राजेश, सोनीपत में सोनू लेता था मंथली

दलालों ने पुलिस को बताया कि रोहतक जिले में वे आरटीए स्टाफ के टीएसआई राजेश को, सोनीपत जिले की मंथली ब्राह्म्णवास निवासी सोनू को और चरखी दादरी जिले की मंथली आरटीए सहायक सचिव मनीष मदान व क्लर्क अमित को देते थे। 

आरटीए सहायक सचिव मनीष मदान को भी पकड़े जाने से पहले 17 मई को दस लाख रुपये मंथली के देकर आए थे। रोहतक के आरटीए कर्मचारी राजेश की जींद वाले के साथ सेटिंग थी। वे उसे भी पैसे देते थे। गिरफ्तार दलाल सुरेंद्र ने बताया कि भिवानी में पंकज मेहता और फतेहाबाद निवासी पम्मी अवैध वसूली करके अधिकारियों को रुपये देते थे।

इन दलालों के नाम बताए

पुलिस पूछताछ में सुरेंद्र उर्फ काला ने बताया कि विभिन्न जिलों में ओवरलोड वाहन चलाने वालों से वसूली दलालों के माध्यम से की जाती थी। इस खेल में सुरेंद्र और रविंद्र के अलावा मोनू बिश्नाई झुप्पा, अमित अहलावत, राजू इमलोटा, अशोक मलिक, गुणपाल दादरी, नारनौल निवासी मुकेश, रेवाड़ी निवासी सतेंद्र, सोनीपत निवासी जरनैल व संदीप, सोनू ब्राह्मणवास, महन निवासी नरेंद्र भी शामिल हैं। 
विज्ञापन

सौ से अधिक दलाल थे सक्रिय : एडवोकेट संजीव तक्षक

चरखी दादरी जिले में ओवरलोडिंग मंथली मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग करने वाले एडवोकेट संजीव तक्षक ने बताया कि इस खेल में सौ से अधिक दलाल सक्रिय थे। अभी कुछ के नाम ही सामने आए हैं, जबकि गिरफ्तारी दो की ही हुई है। बाकी दलाल अंडरग्राउंड हैं। पुलिस को उन्हें जल्द गिरफ्तार करना चाहिए।

दोनों दलालों से बरामद हुए थे साढ़े 13 लाख रुपये

रोहतक पुलिस ने दलाल सुरेंद्र और रविंद्र को सांपला के छोटूराम पार्क के बाहर से गिरफ्तार किया था। रविंद्र टस्कन गाड़ी में बैठा था। उसके पास से साढ़े 12 लाख रुपये मिले थे। सुरेंद्र राठी क्रेटा गाड़ी में बैठा था। उससे एक लाख रुपये मिले थे। रविंद्र से पुलिस ने तीन मोबाइल बरामद किए थे। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें