पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि इन जमात वर्करों ने एक उच्च जोखिम समूह का गठन किया है और प्रोटोकॉल के अनुसार सावधानीपूर्वक इन्हें हैंडल किया जाना चाहिए। अब तक हरियाणा पुलिस प्रदेश के 15 जिलों से जमात के 1305 वर्करों को ट्रैक करने में सफल रही है। लगभग 500 जमात के वर्करों ने स्वीकार किया कि उन्होनें दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में स्थित मस्जिद का दौरा किया था। आठ व्यक्तियों का टेस्ट करने के बाद, अब तक पलवल और नूंह के तीन-तीन और अंबाला के दो लोगों को कोविड-19 पॉजिटिव पाया गया है।
6 देशों के निवासी हैं ये जमाती
डीजीपी मनोज यादव के अनुसार इनमें से 106 जमाती विदेशी नागरिक हैं। जिन्हें हरियाणा के पांच अलग-अलग जिलों फरीदाबाद, अंबाला, पानीपत, पलवल और नूंह से ट्रैक किया गया है। ये विदेशी ज्यादातर इंडोनेशिया, फिलीपींस, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका और थाईलैंड से संबधित हैं। इन सभी को क्वारंटीन में रखा गया है और इनके पासपोर्ट पुलिस ने कब्जे में ले लिए हैं।
इन पांच जिलों में आईपीसी और विदेशी अधिनियम के प्रावधानों के तहत पांच अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। महाराष्ट्र, तमिलनाडु, असम, बिहार आदि राज्यों के 933 जमातियों पर भी नजर रखी गई है। उनके सैंपल एकत्र कर जांच को भेजा गया है। पुलिस ने हरियाणा से संबंधित 266 जमात के लोगों को भी ट्रैक किया है, जो अलग-अलग राज्यों में तब्लीग के लिए गए थे। पिछले 10 दिनों के दौरान अपने गांवों में वापस आए हैं। चूंकि वे कोरोना वायरस के संभावित वाहक भी हैं, इसलिए उन्हें क्वारंटीन में रखा गया है। वे ज्यादातर गुरुग्राम, पंचकूला, यमुनानगर, पानीपत, नूंह, सोनीपत, जींद और पलवल जिलों से हैं।