रसीन गांव में पहुंचे एसडीएम गौरव कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमित मरीज के परिवार के 12 सदस्यों को आइसोलेट किया गया है। ये सभी सदस्य पीड़ित के सम्पर्क में रहे हैं। साथ ही संक्रमण की आशंका को देखते हुए पूरे गांव को सील कर दिया गया है। सभी ग्रामीणों की मेडिकल जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें नियुक्त कर दी गई हैं।
जांच का विषय, कैसे हुआ संक्रमण
रसीन गांव के किसान में कोरोना वायरस का संक्रमण मिलने के बाद यह जांच की जा रही है कि वह वायरस की चपेट में कैसे आया? पीड़ित व्यक्ति के पुत्र रविन्द्र ने बताया कि उसके पिता और उसके परिवार का कोई यात्रा इतिहास नहीं है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि उसके पिता को कोरोना वायरस का संक्रमण कहां से हुआ।
रविन्द्र ने कहा कि बीती 20-21 मार्च को उसके पिता घरौंडा किराने का सामान लेने गए थे। बीमार होने पर उन्हें कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था। रविन्द्र ने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों ने उनके पिता के इलाज में लापरवाही बरती है। अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद डॉक्टरों ने कोरोना की जांच नहीं करवाई। रविंद्र का कहना है कि यदि डॉक्टर समय से कोरोना वायरस का टेस्ट करवा लेते तो उसके पिता की हालत इतनी नाजुक नहीं होती।