अब तक फरीदाबाद में 20526, गुरूग्राम में 21952, सोनीपत में 8570, रेवाड़ी में 6040, अंबाला में 8211, रोहतक में 6225, पानीपत में 7491, करनाल में 7453, हिसार में 6789, पलवल में 2729, पंचकूला में 6264, महेंद्रगढ़ में 3648, झज्जर में 2653, भिवानी में 2929, कुरुक्षेत्र में 5808, नूहं में 1138, सिरसा में 4051, यमुनानगर में 4470, फतेहाबाद में 2438, कैथल में 2551, जींद में 2225 व चरखी दादरी में 658 संक्रमित मरीज सामने आ चुके हैं।
ठीक होने वाले मरीजों की संख्या
फरीदाबाद में 19395, गुरुग्राम में 19373, सोनीपत में 8108, रेवाड़ी में 5436, अंबाला में 7645, रोहतक में 5496, पानीपत में 6807, करनाल में 6848, हिसार में 5555, पलवल में 2604, पंचकूला में 5541, महेंद्रगढ़ में 3258, झज्जर में 2416, भिवानी में 2634, कुरुक्षेत्र में 5245, नूंह में 1065, सिरसा में 3388, यमुनानगर में 3992, फतेहाबाद में 2065, कैथल में 2253, जींद में 1980 व चरखी दादरी में 491 मरीज अब तक स्वस्थ हो चुके हैं।
कोविड: हर जिले में डीसी तैयार करेंगे कार्य योजना
हरियाणा में त्योहारी सीजन नजदीक आते ही स्वास्थ्य महकमे की चिंताएं बढ़ती जा रही है। इसे लेकर सभी जिलों के डीसी को पांच दिनों में कोविड-19 पर नियंत्रण के मद्देनजर कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस संदर्भ में मुख्य सचिव विजय वर्धन ने आला अफसरों की बैठक ली और विभागों में आपसी तालमेल के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव मंगलवार को चंडीगढ़ में ‘कोविड ऐप्रोप्रिऐट व्यवहार’ के तहत की जाने वाली जागरूकता गतिविधियों के संबंध में बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान कोविड-19 से बचाव के लिए मास्क पहनने, सामाजिक दूरी बनाने और हाथों की स्वच्छता सहित कुल 15 ‘कोविड ऐप्रोप्रिऐट व्यवहार’ की व्यापक आईईसी, बीसीसी गतिविधियों की कार्य योजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्य सचिव ने निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने में सरपंच, पंच, ग्राम सचिव, आशा कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अहम भूमिका निभा सकते हैं। इन सभी की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, पंचायत घरों, स्वास्थ्य केंद्रों व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर वॉल पेंटिंग, होर्डिंग, बैनर व पोस्टर लगाए जाएं।
उन्होंने कहा कि लोगों के व्यवहार के अनुसार ही जागरूकता गतिविधियां तैयार की जाएं। अभियान के सफल कार्यान्वयन के लिए धर्म-गुरुओं, प्रसिद्ध खिलाड़ियों और गैर-सरकारी संगठनों की भी भागीदारी सुनिश्चित की जाए।