कोरोना संक्रमण से बचाव के चलते अब तक अस्पताल की ओपीडी सीमित संख्या में चलाई जा रही है। टेली मेडिसिन और फिजिकल ओपीडी में एक दिन में एक विभाग में 40 से 50 मरीज देखे जा रहे हैं। ओपीडी में आने वाले प्रत्येक मरीज की पहले कोरोना जांच होती है। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही ओपीडी में जाने की अनुमति है।
क्या कहते हैं मानक
- दूसरों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें, भले ही वे बीमार न हों।
- सार्वजनिक स्थानों पर मास्क लगाएं, खास तौर पर जब सार्वजनिक स्थान पर शारीरिक दूरी बनाना संभव न हो
- बंद जगहों के बजाय खुली, हवादार जगह चुनें। अगर किसी इमारत के भीतर हैं, तो खिड़कियां खोलें
- हाथों को बार-बार धोएं। साबुन और पानी या अल्कोहल वाला हैंड रब इस्तेमाल करें
- खांसने या छींकने पर अपनी नाक और मुंह को कोहनी या रुमाल से ढक लें
अस्पताल प्रशासन संक्रमण से बचाव के लिए प्रत्येक स्तर पर प्रयास कर रहा है। स्त्री एवं प्रसूति रोग के वार्ड की मौजूदा स्थिति के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। अगर एक बेड पर दो महिलाओं और नवजात को भर्ती किया जा रहा है तो इसे तत्काल चेक करवाकर सुधार किया जाएगा। -डॉ. सुधीर गर्ग, चिकित्सा अधीक्षक जीएमसीएच 32