18 मई से लगातार मिल रहे कोरोना के मरीजों ने एक बार फिर शहर में पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा तेजी से बढ़ाया है। प्रतिदिन पॉजिटिव मरीजों का मिलना भी खतरे की तरफ इशारा कर रहा है। ऐसे में बापूधाम में बचाव को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि वहां कड़ाई से ज्यादा काउंसलिंग की जरूरत है।
एक ही जगह पर कई दिनों से कैद रहने के कारण लोगों की विचारधारा और सोच में नकारात्मक चीजें तेजी से शामिल होती हैं। इसका इस बीमारी के संक्रमण में अहम रोल हो सकता है, इसलिए बचाव के तौर पर कम्युनिटी हेल्थ काउंसलर या साइकोलॉजिस्ट की अलग ड्यूटी लगाकर वहां क्रमवार अलग-अलग परिवारों की काउंसलिंग की जानी चाहिए। दूसरी तरफ पीजीआई के कोरोना डेडीकेटेड हॉस्पिटल में 6 पॉजिटिव मरीज भर्ती हैं। इनमें से एक को आईसीयू में रखा गया है। वहीं तीन संदिग्ध मरीजों की जांच रिपोर्ट आना बाकी है।
दो माह की बच्ची पीजीआई से डिस्चार्ज, घर भेजा गया, मां ने किया था हंगामा
सेक्टर-25 निवासी दो माह की कोरोना पॉजिटिव जिस बच्ची को उसकी मां ने सूद धर्मशाला में ले जाने से इनकार कर पीजीआई में हंगामा किया था, उसे शनिवार को डिस्चार्ज कर दिया गया। हंगामे के बाद पीजीआई प्रशासन ने उस बच्ची को दोबारा आइसोलेशन में रख लिया था। शनिवार को उसे क्वारंटीन करने की बजाय घर भेज दिया गया। पीजीआई प्रशासन के अनुसार बच्ची स्वस्थ है।