मुख्यमंत्री भगवंत मान आज जालंधर में एक विशेष समारोह के दौरान पंजाब पुलिस में नवनियुक्त 500 सब-इंस्पेक्टरों को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। इस आयोजन से पहले ही नई भर्ती को लेकर विवाद हो गया है। जिन नवनियुक्त सब-इंस्पेक्टरों को नियुक्ति पत्र सौंपे जाने हैं, उनमें मानसा के लिए सात सब-इंस्पेक्टरों में से छह हरियाणा प्रांत से संबंधित होने के कारण विपक्षी नेताओं ने कड़ा ऐतराज जताया है।
पंजाब में आप सरकार बनने के बाद पुलिस सब-इंस्पेक्टरों की यह पहली भर्ती है। इससे पहले इन पदों के लिए भर्ती 2021 में हुई थी। शनिवार को नियुक्ति पत्र बांटे जाने संबंधी कार्यक्रम के लिए मानसा के एसएसपी ने गुरुवार को नवनियुक्त सब-इंस्पेक्टरों को जालंधर पीएपी कांप्लेक्स में हाजिर होने का पत्र जारी किया था। इस पत्र को पंजाब कांग्रेस के नेता सुखपाल सिंह खैरा ने ट्वीटर पर शेयर करते हुए पूरी भर्ती पर सवाल खड़े किए हैं।
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खैरा ने मानसा के एसएसपी के पत्र में लिखे सात सब-इंस्पेक्टरों के नामों पर उंगली उठाते हुए राज्य सरकार पर बाहरी लोगों को पंजाब में नौकरियां दिए जाने का आरोप लगाया है। इस बीच, शुक्रवार को लक्खा सिधाणा और पंजाब मोर्चा के कन्वीनर गौरव राणा ने भी इस मुद्दे को हाथोंहाथ लेते हुए आरोप लगाया कि यह राज्य सरकारों की गलत नीतियों के कारण हो रहा है। पंजाब में नौकरी प्राप्त करने के लिए पंजाबी भाषा के पेपर में अन्य राज्यों के उम्मीदवार पास हो रहे हैं, लेकिन पंजाब के उम्मीदवार फेल हो रहे हैं।
गौरतलब है कि मानसा के लिए चुने सात सब-इंस्पेक्टरों में, पंजाब से बठिंडा निवासी कुलदीप सिंह के अलावा बाकी सभी सब-इंस्पेक्टर हरियाणा के निवासी हैं। इनके नाम हैं- संदीप पूनिया पुत्र जोगिंदर सिंह हिसार, मनदीप बिट्टान पुत्र कृष्ण निवासी पेगां जिला जींद, रुपेंद्र मलिक पुत्र रामफल वासी दुर्जनपुर, प्रवेश मोर पुत्र विनोद कुमार निवासी हिसार, कमलजीत कौर पुत्री जेठू सिंह मयूर खुर्द जमाल फतेहाबाद और सोनू रानी पुत्री रमेश चंद्र वासी जंडली कलां फतेहाबाद।