इसको नए प्राइस इंडेक्स के अनुसार बढ़ाने के लिए मांग भी की गई है। इस प्रोजेक्ट पर जम्मू-कश्मीर के साथ एग्रीमेंट विवाद होने पर 30 अगस्त 2014 को निर्माण कार्य बंद कर दिया गया था। जम्मू-कश्मीर सरकार इसके ढांचे में कुछ बदलाव करना चाहती थी। इसके चलते नए एग्रीमेंट होने पर यह निर्माण कार्य फिर से शुरू करने के लिए सोमा कंपनी को आदेश दे दिए गए हैं। सोमा कंपनी की ओर से बांध निर्माण और गेट बनाने के लिए 680 करोड़ रुपये का ठेका निर्धारित हुआ है। 500 करोड़ रुपये भारत हैवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड को पावर हाउस बनाने के लिए अनुबंध किया गया है।
पंजाब की लाखों हेक्टेयर भूमि पर हो सकेगी सिंचाई
बांध का निरीक्षण करने पहुंचे नेगी ने बताया कि नए एग्रीमेंट के अनुसार इस बैराज प्रोजेक्ट से जम्मू-कश्मीर को कुल बिजली उत्पादन का 20 प्रतिशत और 1100 क्यूसिक फ्लो पानी का दिया जाएगा। प्रोजेक्ट से जहां पंजाब की लाखों हेक्टेयर भूमि को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा, वहीं जम्मू-कश्मीर राज्य की भी 32 हजार एकड़ भूमि को सिंचाई के लिए पानी दिया जाएगा। इस वर्ष आरएसडी का जल स्तर 527 मीटर पहुंचने पर कोई हानि न होने पर धार्मिक कार्यक्रम रखा गया है।