हरियाणा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा।
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हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कृषि अध्यादेशों के विरोध में सड़क पर उतरने का निर्णय लिया है। कांग्रेस 21 सितंबर को प्रदेश भर में जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करेगी। राष्ट्रपति व राज्यपाल के नाम डीसी को ज्ञापन दिए जाएंगे। प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने गुरुवार को पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी।
उन्होंने पिपली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहे किसान-मजदूरों पर पुलिस लाठीचार्ज की निंदा की है। साथ ही आढ़तियों को रोकने के लिए की गई कार्रवाई का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र किसानों को फसलों के लिए मिलने वाले न्यूनतम समर्थन मूल्य व बड़ी कंपनियों के साथ डील कर आढ़तियों को भी खत्म करना चाहती है। किसानों के लिए आढ़ती एटीएम की तरह हैं, जिनसे वे अपनी हर जरूरत के लिए आर्थिक मदद लेते रहते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कुछ बड़ी कंपनियों को फायदा देने के लिए किसान, मजदूर और आढ़तियों को खत्म करना चाह रही है। कृषि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और कोरोना काल में भी कृषि ने ही अर्थव्यवस्था को कुछ सहारा दिया है। इनमें 85 फीसदी छोटे किसान हैं। जब आढ़ती के बजाय कंपनियां डील करेंगी तो क्या ये किसान उनसे डील कर पाएंगे। क्या आढ़ती को इस सिस्टम से बाहर कर देने से किसान अपनी जरूरत के वक्त इन बड़ी कंपनियों से या बैंकों से आर्थिक मदद ले सकेंगे।