अपनी ही सरकार में विधायक को पड़ रहा धरने पर बैठना।
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पंजाब कांग्रेस में मची कलह के बीच अब पार्टी के विधायक और पार्षदों को धरना देना पड़ रहा है। पंजाब के जांलधर में ऐसा ही मामला सामने आया है। प्रदेश में अपनी ही सरकार होने के बावजूद जालंधर के विधायक और पार्षदों को एक सरकारी विभाग के खिलाफ धरना देना पड़ रहा है।
विधायक व पार्षदों का आरोप है कि विभाग की तरफ से उनके इलाकों के घरों के ऊपर से गुजरने वाली बिजली की तार को हटाने का कार्य बेहद धीमी गति से करवाया जा रहा है। बुधवार को सेंट्रल विधानसभा हलका से विधायक राजिंदर बेरी और कई पार्षदों ने इस शिकायत के चलते शक्ति सदन स्थित पावरकॉम के मुख्यालय पर धरना दिया।
विधायक और इन पार्षदों का आरोप है कि कई जगह पर घरों के ऊपर से निकलने वाले बिजली के तार को हटाने का काम शुरू तो कर दिया गया है लेकिन यह काम बेहद ही धीमी गति से चल रहा है। इसी वजह से क्षेत्र के लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है। धरने में शामिल विधायक राजिंदर बेरी व पार्षद शैरी चड्ढा ने कहा कि सेंट्रल विधानसभा में तार हटाने व अन्य कार्यों का बजट भी पास हो चुका है।
4.5 करोड़ रुपये में से 2.5 करोड़ रुपया विभाग के पास आ चुका है लेकिन छह माह से ज्यादा समय बीतने व विभाग को बार-बार कहने के बावजूद तार हटाने के काम में देरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के अधीन है लेकिन इसके बावजूद अधिकारी काम में लापरवाही कर रहे हैं। अगर दो दिन के भीतर कार्य शुरू न हुआ तो सोमवार को वह पावरकॉम के चीफ इंजीनियर का पुतला फूंकेंगे।