फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंजाब में ये क्या हो रहा: अपनी ही सरकार फिर भी धरने पर बैठे कांग्रेस विधायक व पार्षद, जानें वजह

Wed, 16 Jun 2021 09:33 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)

सार

पंजाब में अपनी पार्टी की सरकार होने के बावजूद कांग्रेस विधायक को धरने पर बैठना पड़ रहा। विधायक का कहना है कि मेरे विधानसभा क्षेत्र में घर के ऊपर से बिजली के तार हटाने का काम धीमी गति से चल रहा है। कई बार विभाग को इस बारे में सूचित करने के बावजूद काम में तेजी नहीं आ रही है। इस वजह से वह धरने पर बैठने को मजबूर हैं। 
विज्ञापन
अपनी ही सरकार में विधायक को पड़ रहा धरने पर बैठना। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब कांग्रेस में मची कलह के बीच अब पार्टी के विधायक और पार्षदों को धरना देना पड़ रहा है। पंजाब के जांलधर में ऐसा ही मामला सामने आया है। प्रदेश में अपनी ही सरकार होने के बावजूद जालंधर के विधायक और पार्षदों को एक सरकारी विभाग के खिलाफ धरना देना पड़ रहा है। 

विज्ञापन


विधायक व पार्षदों का आरोप है कि विभाग की तरफ से उनके इलाकों के घरों के ऊपर से गुजरने वाली बिजली की तार को हटाने का कार्य बेहद धीमी गति से करवाया जा रहा है। बुधवार को सेंट्रल विधानसभा हलका से विधायक राजिंदर बेरी और कई पार्षदों ने इस शिकायत के चलते शक्ति सदन स्थित पावरकॉम के मुख्यालय पर धरना दिया। 

विधायक और इन पार्षदों का आरोप है कि कई जगह पर घरों के ऊपर से निकलने वाले बिजली के तार को हटाने का काम शुरू तो कर दिया गया है लेकिन यह काम बेहद ही धीमी गति से चल रहा है। इसी वजह से क्षेत्र के लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है। धरने में शामिल विधायक राजिंदर बेरी व पार्षद शैरी चड्ढा ने कहा कि सेंट्रल विधानसभा में तार हटाने व अन्य कार्यों का बजट भी पास हो चुका है।
विज्ञापन


4.5 करोड़ रुपये में से 2.5 करोड़ रुपया विभाग के पास आ चुका है लेकिन छह माह से ज्यादा समय बीतने व विभाग को बार-बार कहने के बावजूद तार हटाने के काम में देरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के अधीन है लेकिन इसके बावजूद अधिकारी काम में लापरवाही कर रहे हैं। अगर दो दिन के भीतर कार्य शुरू न हुआ तो सोमवार को वह पावरकॉम के चीफ इंजीनियर का पुतला फूंकेंगे। 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें