बीएसएफ एक्ट की धारा 139 में हाल ही में किए गए संशोधन को संघीय ढांचे पर हमला करार देते हुए पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने केंद्र सरकार को यह फैसला तुरंत वापस लेने को कहा है। बुधवार को जारी बयान में रंधावा, जिनके पास गृह विभाग भी है, ने कहा कि यह तर्कहीन फैसला सीमा सुरक्षा बलों के उभार की भावना के बिल्कुल विरुद्ध है, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात रहते हैं और रक्षा की अग्रणी पंक्ति के तौर पर काम करते हैं। उन्होंने कहा कि अंदरूनी इलाकों में पुलिसिंग करना सीमा सुरक्षा बलों का काम नहीं है और ऐसा करना अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा प्रति उनकी प्राथमिक ड्यूटी निभाने के क्षमता को कमजोर करेगा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वह मामले की हल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जल्द मिलेंगे। रंधावा ने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने न तो यह मुद्दा केंद्र के समक्ष उठाया है और न ही अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को बढ़ाने के लिए कहा है। केंद्रीय और राज्य की एजेंसियों के बीच बेहतर सहयोग की जरूरत पर देते देते हुए रंधावा ने कहा कि गैरकानूनी गतिविधियों को रोकने के लिए तुरंत कार्रवाई करने के लिए जानकारी सांझा करके ऐसे तालमेल को बढ़ाना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि आतंकवाद और सीमा पार से अपराधों के खिलाफ जीरो टालरेंस बनाए रखने के उद्देश्य से केंद्र ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश सीमाओं के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा से भारतीय क्षेत्र के अंदर 50 किमी के क्षेत्र में तलाशी लेने, संदिग्धों को गिरफ्तार करने और आपत्तिजनक वस्तुएं जब्त करने का अधिकार दिया है।
ताजा आदेश के अनुसार बीएसएफ, जिसे केवल पंजाब, पश्चिम बंगाल और असम राज्यों में 15 किलोमीटर तक कार्रवाई करने का अधिकार था, को अब बिना किसी बाधा या केंद्र या राज्य सरकारों से अग्रिम अनुमति के बिना अपने अधिकार क्षेत्र को 50 किमी तक फैलाने के लिए अधिकृत किया गया है।