राहुल गांधी की सेवा को पश्चाताप नहीं कहा जा सकता: ग्रेवाल
एसजीपीसी के महासचिव गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने कहा कि सिख मर्यादा के अनुसार इस घर में कोई भी आ सकता है। यहां चढ़ के आए को तेग, निम के आए को देग की परंपरा है। राहुल गांधी ने यहां सेवा की, इसलिए उन्हें देग दी गई। लेकिन उनकी सेवा को पश्चाताप कहना गलत होगा। जो उन्हें यहां आकर कहना (माफी मांगना) था और उन्होंने नहीं कहा। ग्रेवाल ने कहा कि राहुल गांधी उस परिवार का हिस्सा हैं, जिनकी दादी व पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने श्री अकाल तख्त साहिब को गिराया और उनके पिता ने दिल्ली में सिखों का कत्लेआम करवाया था लेकिन श्री अकाल तख्त साहिब पूरी बुलंदी पर खड़ा है।
40 साल से जख्म वैसा ही है। ग्रेवाल ने कहा कि उनके पिता राजीव गांधी को मारने वाली नलिनी को मिलने के लिए प्रियंका जेल जा सकती हैं। क्या राहुल गांधी विधवाओं की बस्ती में गए हैं, जहां दिल्ली में कत्लेआम हुआ, क्योंकि सिख सिर्फ 2 प्रतिशत हैं और नलिनी श्रीहरन हिंदू थी और उनका वोट उन्हें चाहिए। राहुल गांधी ने कभी बोला कि उनके साथ कुर्सियों पर बैठने वाले माकन व जगदीश टाइटलर आदि कातिल हैं। ऐसे में सेवा करना न राजनीति है और न ही पश्चाताप। गुरु घर में हर व्यक्ति को आकर अपनी श्रद्धा के अनुसार सेवा करने का अधिकार है। इसे कोई नहीं रोक सकता।