सिद्धू ने कैप्टन से अपनी पहली मुलाकात के दौरान भी जिन पांच मुद्दों को उठाया, ये वही मुद्दे हैं, जिन्हें लेकर वे लंबे समय तक अपने ट्वीट के जरिए कैप्टन पर हमलावर रहे थे। इन मुद्दों को कांग्रेस ने पिछले चुनाव में अपने घोषणा पत्र में शामिल किया था। सिद्धू इन मुद्दों को बार-बार सार्वजनिक कर कांग्रेस की छवि को ही नुकसान पहुंचा रहे हैं।
सिद्धू को ही मिला आलाकमान से मिलने का मौका
आलाकमान से मिलने पहुंचे नवजोत सिद्धू के साथ पंजाब के दो कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा भी थे लेकिन आलाकमान दोनों मंत्रियों से मुलाकात नहीं की और केवल सिद्धू को ही मिलने का मौका दिया गया। सुखजिंदर रंधावा उस समय से ही सिद्धू के साथ हैं, जब से सिद्धू ने पंजाब में कैप्टन के खिलाफ मोर्चा खोला था।
रंधावा ने ही बीते सप्ताह पंजाब कांग्रेस भवन में सिद्धू की प्रधान पद पर ताजपोशी के कार्यक्रम का संचालन भी किया था। लेकिन बुधवार को नए प्रधान के साथ नई दिल्ली पहुंचे रंधावा को आलाकमान ने कोई तरजीह नहीं दी। तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा भी कैप्टन को सिद्धू के सुलह का सलाह देकर इस मामले में बीच का रास्ता अपनाकर चलते रहे। सिद्धू को प्रधान घोषित किए जाने के बाद वे भी खुलकर सिद्धू के पक्ष में आ गए। चंडीगढ़ में सिद्धू ने शक्ति प्रदर्शन तृप्त बाजवा के आवास पर ही किया था, जहां कुछ मंत्रियों के अलावा 34 से अधिक कांग्रेस विधायक भी जुटे थे।