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असली और नकली के फेर में फंसा 10 रुपये का सिक्का, लेन-देन पर सबके अपने-अपने तर्क

Fri, 07 Feb 2020 03:22 AM IST
ajay kumar अजय जौली, अमर उजाला, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
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10 rupee coin - फोटो : फाइल फोटो
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दस रुपये के नकली और असली सिक्कों को लेकर लोगों में आज भी असमंजस जारी है। इससे कई दुकानदार इन सिक्कों को लेने से साफ मना कर देते हैं। ऐसे ही जब दुकानदार यही सिक्का ग्राहक को देता है तो ग्राहक भी इसे लेने से इंकार कर रहा है। सिक्कों को लेकर बाजार में फैला भ्रम घटने की बजाए बढ़ ही रहा है। 

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हालांकि दस रुपये के विभिन्न प्रकार के सिक्कों पर जनता के बीच भ्रम की स्थिति को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक स्पष्ट भी कर चुका है कि कोई भी सिक्का अमान्य नहीं है सभी सिक्के चलन में हैं। ये समय-समय पर जारी किये गये अलग-अलग डिजाइनों के सिक्के हैं। लेकिन बावजूद इसके  लोग भ्रम से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। जिले में भ्रम के चलते दस-दस के सिक्कों का लेनदेन प्रभावित है। ग्राहकों का कहना है कि दुकानदार सिक्के लेने से मना करते हैं वहीं दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक सिक्कों को नकली बताते हैं। 

ग्राहक सिक्के लेने से करते हैं मना: क्लेक्टर कुमार
फल विक्रेता क्लेक्टर कुमार ने कहा कि उनके पास दस-दस रुपये के सिक्के कईं बार ग्राहक दे जाते हैं। वे इन सिक्कों को ले लेते हैं, लेकिन जब कभी ग्राहक को वह सिक्का देता है तो ग्राहक उसके नकली सिक्के के संज्ञा देते हुए लेने से साफ मना कर देता है। उनके पास ऐसे कई सिक्के गुल्लक में जमा हो गए हैं।
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500 सिक्के हो गए हैं जमा: लक्की
लक्की स्वीट हाउस के संचालक लक्की ने कहा कि उनके पास दस-दस रुपये के 500 से अधिक सिक्के जमा हो गए हैं। बाजार में इन सिक्कों को हर कोई लेने से मना कर देता है। ऐसे में दुकानदारी देखते हुए कस्टमर को भी और सिक्के देने से मना नहीं किया जा सकता। फैली अफवाहों के कारण हजारों रुपये का  नुकसान उठाना पड़ रहा है। 

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बैंक कर्मी सिक्के लेने में करते हैं आनाकानी: ईश्प्रीत सिंह

बालक मोटर्स के संचालक ईश्प्रीत सिंह ने कहा कि वे पहले दस रुपये के सिक्के ले लिया करते थे, लेकिन जब कभी इन सिक्कों को बैंक में जमा कराने के लिए जाते तो बैंक कर्मी इन्हें जमा करने में आनाकानी करने लगे। अब स्थिति को देखते हुए उन्होंने कस्टमर से ये सिक्के लेने ही बंद कर दिए हैं। नुकसान झेलने से अच्छा है पहले ही ग्राहक को मना कर दो। 

10 रुपये के सिक्के के सभी 14 डिजायन वैध: एसडीएम
एसडीएम अश्वनी मलिक ने कहा कि दस रुपये के सिक्के के सभी 14 डिजाइन वैध हैं। रिजर्व बैंक अनुसार वह चलन में सिर्फ उन्हीं सिक्कों को लाता है जो सरकारी टकसाल में ढाले जाते हैं। इन सिक्कों में अलग फीचर्स हैं ताकि ये आर्थिक, सामाजिक व सांस्कृतिक मूल्यों के विभिन्न पहलुओं को प्रदर्शित कर सकें और इन्हें समय-समय पर पेश किया गया है। फिर यदि लोगों को सिक्कों को लेकर कोई भ्रम है तो वह पास के किसी भी बैंक में जाकर उसे चेक करवा सकता है। वहीं बैंक एसबीआई प्रबंधक जसपाल सिंह ने भी कहा कि दस के सभी सिक्के असली हैं।  

ऐसे हैं 14 तरह के सिक्के
  • श्रीमद राजचंद्र के 150वें जन्मदिवस पर जारी।
  • नेशनल आर्काइव के 125वें वर्ष के अवसर पर जारी।
  • स्वामी चिन्मयानंद की जन्म शती के अवसर पर जारी।
  • डॉ. बीआर अंबेडकर की 125वीं वर्षगांठ पर जारी।
  • इंटरनेशनल योगा डे पर जारी।
  • महात्मा गांधी के दक्षिण अफ्रीका से लौटने के सौ वर्ष पूरा होने पर जारी।
  • क्वॉयर बोर्ड की डायमंड जुबली पर जारी।
  • श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की सिल्वर जुबली पर जारी।
  • भारतीय संसद के 60 वर्ष पूरा होने के अवसर पर जारी।
  • सामान्य सिक्कों की नई श्रृंखला जारी।
  • रिजर्व बैंक के 75 वर्ष पूरा होने के अवसर पर जारी।
  • होमी भाभा के जन्मशती वर्ष पर जारी।
  • ‘विविधता में एकता’ शीर्षक के साथ दो धातुओं के मिश्रण वाला सिक्का।
  • ‘कनेक्टिविटी एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी’ शीर्षक के साथ दो धातुओं के मिश्रण वाला सिक्का।
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