प्रॉपर्टी टैक्स के सेल्फ असेसमेंट के दौरान डेसिमल के अंकों के कंप्यूटरीकृत आकलन का अब मकान मालिकों पर बोझ नहीं बढ़ेगा।
नगर निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि दशमलव के बाद दो अंकों के आधार पर टैक्स की गणना की जा सकती है। इससे एक कनाल या इससे बड़े साइज के प्लॉट मालिकों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
अमर उजाला ने दशमलव के बाद के चार अंकों का गणना करने पर बढ़ रहे प्रापर्टी टैक्स के बोझ की खबर को 15 नवंबर के अंक में ‘अंकों के खेल ने डेढ़ गुना बढ़ाया प्रापर्टी टैक्स’ शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
दरअसल, नगर निगम की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक 500 वर्ग गज तक के प्लॉट के लिए लोगों को तीन रुपये प्रति गज के हिसाब से टैक्स चार्ज किया जा रहा है, जबकि इससे अधिक के लिए प्रति वर्ग गज 4.50 रुपये यानी करीब डेढ़ गुना अधिक टैक्स चुकाना पड़ रहा है।
एक कनाल के प्लॉटों की रजिस्ट्री के वक्त 420 वर्ग मीटर के तौर पर की गई थी, जिसे बाद में 500 वर्ग गज मान लिया गया। प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराते समय जब दशमलव के बाद चार अंकों से गुना किया जाए तो 420 वर्ग मीटर 502 वर्ग गज बन जाता है।
वहीं, दशमलव के दो अंकों से गुना करने पर इस प्लॉट की साइज 499 वर्ग गज से कुछ अधिक है।