पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी
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भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस की नीति अपना रही पंजाब की भगवंत मान सरकार के निशाने पर अब पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी आ गए हैं। उन पर आरोप लगा है कि उन्होंने मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए 142 करोड़ रुपये की ग्रांट केवल रोपड़ जिले में ही बांट दी। उसमें से भी 60 फीसदी राशि उन्होंने अपने विधानसभा हलके चमकौर साहिब को दी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मामले की जांच के लिए विशेष कमेटी का गठन कर दिया है। फिलहाल चन्नी इन दिनों विदेश में हैं। गौरतलब है कि पंजाब में अब तक पिछली कांग्रेस सरकार के मंत्री साधु सिंह धर्मसोत व संगत सिंह गिलजियां वन विभाग में भ्रष्टाचार, पूर्व परिवहन मंत्री अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग बसों की खरीद में अनियमितता, खेल किटों और पीपी किटों की खरीद में पूर्व खेल मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री पर अंगुली उठने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी भी विवाद में घिर गए हैं।
मुख्यमंत्री द्वारा गठित की गई विशेष जांच कमेटी को यह पता लगाने को कहा गया है कि 142 करोड़ रुपये ग्रांट की राशि कहां-कहां खर्च की गई, क्योंकि इस राशि का आवंटन पंजाब निर्माण कार्यक्रम के तहत किया गया था। यह सारी राशि अकेले रोपड़ जिले में चमकौर साहिब के अलावा श्री आनंदपुर साहिब और रोपड़ में वितरित कर दी गई। इस बीच, विशेष जांच टीम ने तीनों स्थानों के बीडीपीओ कार्यालयों का रिकॉर्ड कब्जे में ले लिया है। विशेष कमेटी पता लगाएगी कि किस-किस काम के लिए कितना पैसा जारी किया गया और वह काम पूरे हुए या नहीं। कमेटी अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगी।