हरियाणा पिछड़ा आयोग के चेयरमैन जस्टिस सिंह ने अधिकारियों व ट्रांसजेंडर वर्ग से मांगे सुझाव
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा पिछड़ा आयोग ट्रांसजेंडर को नौकरियों व शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण देने की सिफारिशें जल्द सरकार को सौंपेगा। हरियाणा राज्य पिछड़ा आयोग के चेयरमैन जस्टिस दर्शन सिंह ने आयोग के सदस्य डॉ. एसके गक्खड़ व श्यामलाल जांगड़ा के साथ वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से जिला समाज कल्याण अधिकारियों व ट्रांसजेंडर वर्ग के लोगों के साथ बातचीत कर सुझाव मांगे। कांफ्रेंस के दौरान ट्रांसजेंडरों ने कई समस्याएं भी रखीं।
जस्टिस सिंह ने कहा कि आयोग इस संबंध में आयोग अपनी सिफारिशें जल्द सरकार को सौंपेगी। आयोग ट्रांसजेंडरों से बातचीत कर रहा है। इस दौरान भिवानी की ट्रांसजेंडर तेजस्या महंत का सुझाव था कि जिस तरह हर नर-नारी के लिए सरकारी सुविधाएं मिलती हैं। उसी प्रकार ट्रांसजेंडर वर्ग को भी सरकारी सुविधाएं मिलनी चाहिए। फरीदाबाद के सार्थक शर्मा, चरखी दादरी के लक्ष्य, गुरुग्राम के गुर अनजान सिंह का कहना था कि लोगों की ट्रांसजेंडर के प्रति मानसिकता में बदलाव लाने के लिए स्कूली पाठ्यक्रम में ही ट्रांसजेंडर के बारे में जानकारी देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ट्रांसजेंडरों के प्रमाण पत्रों में नाम सुधार के लिए विश्वविद्यालयों में कई-कई वर्ष लग जाते हैं। जिला कार्यालय में सेक्शन - 6 का प्रमाण पत्र मिल जाता है। लेकिन सेक्शन-7 का प्रमाण पत्र देरी से मिलता है। सरकारी नौकरी के आवेदन फार्म में महिला/पुरुष लिंग श्रेणी के साथ -साथ ट्रांसजेंडरों की श्रेणी का विकल्प होना चाहिए।