डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने बेशक प्रोग्रेसिव पंजाब में नामी कॉरपोरेट दिग्गजों को जुटा लिया। हजारों करोड़ रुपये के निवेश के एमओयू भी साइन कर लिए।
परंतु कई दशकों का सियासी तजुर्बा रखने वाले मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल आखिर उनके पिता हैं। सीएम ने अपने संबोधन में बहुत ही हल्के अंदाज में सुखबीर बादल को बेहद गंभीर नसीहत दी।
सीएम बादल ने कहा कि वह बैठे हुए मुकेश अंबानी से पूछ रहे थे कि एमओयू का मतलब क्या कमिटमेंट होता है, तो अंबानी ने कहा कि नहीं।
इसके बाद बादल ने सुखबीर से कहा कि आज जो एमओयू साइन हुए हैं, वह लगातार इनका फॉलोअप करें, जब तक कि यह निवेश पंजाब में हो न जाए।
मजाकिया अंदाज में उन्होंने सुखबीर से कहा कि जब वह किसी उद्यमी के पास जाएंगे, तो वह खुद ही समझ जाएगा कि सुखबीर किस लिए आए हैं।
इस तरह जो एमओयू साइन हुए हैं, वह वाकई सिरे चढ़ सकेंगे। बादल ने उद्योगपतियों से भी हंसते हुए कहा कि अगली बार इसका नाम एमओयू के बजाय एमओ-कमिटमेंट रखना।
सीएम ने प्रोग्रेसिव पंजाब की सफलता के लिए सुखबीर को बधाई दी और कहा कि इसके लिए उन्होंने बहुत मेहनत की है।
साथ यह कह कर सबको हंसा दिया कि उन्होंने सोचा था कि अच्छे बेटे की तरह सुखबीर उनके बोलने के लिए भी कुछ छोड़ेंगे, परंतु उन्होंने कुछ छोड़ा ही नहीं। अब वे बातें रिपीट करना अच्छा नहीं है।
उन्होंने अधिकारियों द्वारा तैयार की गई स्पीच दिखाते हुए कहा कि हर बार यह ऐसे ही रह जाती है, बात वही है जो दिल से निकले। बादल ने उद्योगपतियों से कहा कि वह ह्यूमन फैक्टर नजरंदाज न करें।
कमाई के साथ गरीबों के हितों का ध्यान रखें। बादल ने आम आदमी पार्टी की मिसाल देकर कहा कि ग्रासरूट लेवल तक पहुंच बनाने से ही पार्टी इतनी सफल हुई है।
उन्होंने उद्योगपतियों से कहा कि सुखबीर ने बोर्ड बनाकर एक सीईओ नियुक्त किया है। अगर वहां भी काम न बने तो उनके पास आएं, वह हर समय मदद के लिए तैयार हैं।
साथ ही हंसते हुए बोले, जो बेटा ज्यादा काम करता है, मां भी रात को चुपके से उसकी सब्जी में ज्यादा देसी घी डाल देती है, अब इसके बाद मुझे कुछ भी कहने की जरूरत नहीं है।