डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने सफल इलेक्शन मैनेजमेंट के बाद शानदार बिजनेस मैनेजमेंट दिखाया। अकाली दल को पिछले कई चुनाव में जीत के बाद दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी तीन सीटें जिताने में उनकी अहम भूमिका रही है। परंतु इस बार बिल्कुल अलग फ्रंट पर उन्होंने अपनी स्किल्स दिखाईं।
पंजाब में निवेश बढ़ाने की कमान सुखबीर बादल ने खुद संभाली। इसके लिए सबसे पहले मंथन हुआ इंडस्ट्री की मौजूदा समस्याओं और उनके हल पर।
हीरो ग्रुप के सुनील कांत मुंजाल के साथ मिलकर डिप्टी सीएम ने इंडस्ट्री की समस्याएं दूर करने और निवेश को आमंत्रित करने का रोड मैप तैयार किया।
इसके बाद सुखबीर खुद इंडस्ट्री के दिग्गजों से मिले और प्रोग्रेसिव पंजाब के लिए आमंत्रित किया। कॉरपोरेट दिग्गजों ने अपने संबोधन में भी इसका जिक्र किया।
इसके बाद खास रहा डिप्टी सीएम का प्रजेंटेशन। प्रोग्रेसिव पंजाब के उद्घाटन सेशन के दौरान मौजूदा पंजाब की तस्वीर पेश करने के बाद उन्होंने सरकार का विजन इंडस्ट्री के सामने रखा। साथ ही सरकार की भावी योजनाओं के बारे में बताते हुए समझाया कि पंजाब निवेश के लिए बेहतर क्यों है। इसमें पॉवर टैरिफ एडवांटेज, एयर कनेक्टिविटी, रोड नेटवर्क, अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर, अपग्रेडेड ट्रांसपोर्ट सिस्टम, वर्ल्ड क्लास एजुकेशन शामिल था।
डिप्टी सीएम ने निवेश के लिए उद्योगपतियों को आने वाली समस्याएं रखीं। फिर बताया कि पंजाब पहला सूबा है, जहां पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बनाकर सीईओ नियुक्त किया गया है, जिसके पास सभी संबंधित विभागों के अधिकार हैं। रिफॉर्म्स और इंसेंटिव के जरिए भी उन्होंने निवेशकों को आमंत्रित करने की कोशिश की।
साथ ही दावा किया कि पंजाब ‘मोस्ट प्रेफर्ड इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन’ बनेगा। डिप्टी सीएम की पॉजिटिव अप्रोच, उत्साह और तहे-दिल से हर समस्या दूर करने के जज्बे ने उद्योगपतियों को प्रभावित किया। एलएन मित्तल, सुनील कांत मुंजाल, सुनील मित्तल, वाईसी देवेश्वर और जीवीके रेड्डी ने खुद अपनी तरफ से निवेशकों से अपील की कि वे पंजाब में निवेश करें।