पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि इस बार बजट सत्र की अवधि अधिक होगी। हालांकि उन्होंने इसके साथ ही विपक्ष को यह ताकीद भी कर दी कि अपनी बात कहकर सदन से निकल न जाना।
पंजाब विधानसभा में विधायकों के लिए मंगलवार को शुरू हुए ओरिएंटेशन कार्यक्रम के उद्घाटन भाषण के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान कई मुद्दों पर अपने चिर-परिचित अंदाज में विधायकों को संबोधित किया। इस दौरान, कार्यक्रम में उपस्थित नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा द्वारा विधानसभा का आगामी सत्र 15 दिन का रखने की उठाई गई मांग पर मुख्यमंत्री ने बाजवा से मुखातिब होकर कहा- ‘बाजवा साहब आप यहां बैठा करो।
सत्र तो बढ़ा देंगे लेकिन आप सदन में बैठा करें। लोगों ने बहुत अच्छा मौका दिया है। हम चाहते हैं कि अच्छी बहस हो। मैं भरोसा दिलाता हूं। अब बजट सत्र आ रहा है, उसे लंबा करेंगे लेकिन ध्यान रखिए, आप सदन में जरूर बैठें, अपनी बात कहकर निकल न जाना।’ मुख्यमंत्री ने विधायकों से कहा- ‘आप लड़ने के लिए यहां न आएं बल्कि बहस करने के लिए आएं। जब आप लोगों के बीच जाओगे तो लोग आप पर गर्व महसूस करेंगे।’
अपने अधिकार क्षेत्र में रहें केंद्र के प्रतिनिधि: मान
मुख्यमंत्री ने राज्यपाल का जिक्र किए बिना कहा कि लोकतंत्र में लोग सबसे ऊपर हैं और सरकार लोगों द्वारा चुने हुए प्रतिनिधियों द्वारा चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के स्थापित किए हुए कुछ प्रतिनिधि राज्य के मामलों में कांटे बिछा रहे हैं, जो बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
मान ने कहा कि इन व्यक्तियों को चुने हुए प्रतिनिधियों के काम में कांटे बिछाने के बजाय अपने अधिकार क्षेत्र में रहना चाहिए। केंद्र सरकार द्वारा राज्य को आवंटित कोयला, खदान से समुद्री रास्ते के जरिये लाने के फैसले का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र का यह मनमाना फैसला तर्कहीन है। उन्होंने कहा कि पंजाब को कोयले की ढुलाई का अधिक खर्च उठाने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जो असहनीय है।