चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय में चार मार्च से ऑफलाइन कक्षाओं की शुरुआत हो रही है। हालांकि विश्वविद्यालय चरणबद्ध तरीके से परिसर खोल रहा है। पहले चरण में परास्नातक और स्नातक के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को बुलाया गया है। हालांकि डीएसडब्ल्यू ने छात्रावासों के हरेक कमरे में दो विद्यार्थियों को ठहराने की मौखिक अनुमति दे दी है, लेकिन डीएसडब्ल्यू दफ्तर से विद्यार्थियों को छात्रावास देने में काफी मुश्किलें आ रही हैं।
विश्वविद्यालय के शुरू होने के बाद से छात्रावासों में लंबे समय से बंद पड़ी मेस, कैंटीन और दुकानों को भी खोल दिया है। लड़कों के छात्रावास नंबर-4 में मंगलवार को कैंटीन और दुकानों को खुलवाया गया। पीयू ने छात्रावासों की दुकानों को खोलने के लिए नोटिस पहले ही जारी कर दिया था, लेकिन विद्यार्थियों के नहीं होने के कारण ठेकेदारों ने दुकानें नहीं खोली थीं। छात्रावासों के वार्डन ने बताया कि अभी कमरों में विद्यार्थी अकेले ही रह रहे थे। अब जब विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने लगेगी, तब कमरों में डबल ऑक्यूपेंसी कर दी जाएगी।
छात्रों को कमरा मिलने में हो रही दिक्कतें
छात्रों को बार-बार डीएसडब्ल्यू दफ्तर के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, लेकिन बस आश्वासन ही मिल रहा है, छात्रावास में कमरा नहीं। वहीं कोविड से पहले जिनको छात्रावास मिला था, उन्हें भी दोबारा से कमरा जारी करवाने के लिए कहा जा रहा है। -कुलदीप, छात्र नेता, एबीवीपी
छात्रावास देने की प्रक्रिया ढीली
अगर किसी विद्यार्थी का अंतिम सेमेस्टर है, उन्हें कमरा नहीं दे रहे हैं। छात्रावास देने की प्रक्रिया बहुत धीमी है, जिसके कारण विद्यार्थियों को चक्कर काटने पड़ रहे हैं। प्रशासन को कमरे अलॉट करने की प्रक्रिया में तेजी लाने की जरूरत है, अन्यथा कैंपस खुलने के बाद छात्रों को परेशानी होगी। - राहुल, छात्र नेता, एनएसयूआई