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बढ़ी रारः छात्र संघों का ऐलान, नहीं होने देंगे अप्रत्यक्ष चुनाव, सीएम ने भी दिया दो टूक जवाब

Fri, 05 Oct 2018 10:33 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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प्रेस कांफ्रेंस करते हुए छात्र नेता
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हरियाणा में सालों बाद होने जा रहे छात्र संगठन चुनाव होने से पहले ही विवादों में आ गए हैं, जिन्हें लेकर सरकार और छात्र संगठनों के बीच रार बढ़ती ही जा रही है। हरियाणा में प्रस्तावित छात्रसंघ चुनाव के तरीकों को लेकर छात्र संगठनों और सरकार के बीच रस्साकशी जारी है। आठ से अधिक छात्र संगठनों ने एक मंच पर आकर ऐलान कर दिया है कि छात्र लोकतांत्रिक ढंग से यानी प्रत्यक्ष चुनाव करवाने के पक्ष में है।
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यदि सरकार ने ऐसा न कर चुनावों को अप्रत्यक्ष करवाने की कोशिश की तो चुनाव का खुला विरोध किया जाएगा। चंडीगढ़ में प्रेसवार्ता के दौरान ये ऐलान इस आंदोलन के लिए गठित संघर्ष समिति के नेताओं ने किया। इस मौके पर एसएफआई के शहनवाज, इनेसो के दिग्विजय चौटाला, जीबीएसओ के सुमित चौधरी, एआईडीएसओ के उमेश मौर्य, एनएसयूआई के दिव्यांशु बुद्धिराजा, एआईएसए के अमर और एचएसयू के मंजीत इत्यादि मौजूद रहे।

इन नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि सरकार छात्रों के साथ चुनाव नहीं छलावा कर रही है। सरकार लोकतांत्रिक चुनाव के पक्ष में नहीं है। नेताओं ने कहा कि  उन्हें सूत्रों से मालूम चला है कि विश्वविद्यालयों और कालेजों में किन एबीवीपी सदस्यों व नेताओं को  सीआर और डीआर  बनाना है, ये अंदरखाते सरकार तय करवा रही है और यही डीआर व सीआर कालेज व यूनिवर्सिटी का चुनाव कर लेंगे। नेताओं ने कहा कि अप्रत्यक्ष तरीके से ऐसा चुनाव रूपी ढकोसला वे कतई नहीं होने देंगे।
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सीएम बोले, छात्र संघ के चुनाव अप्रत्यक्ष ही होंगे

Haryana CM ML Khattar - फोटो : ani
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि छात्र संघ के चुनाव लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के अनुसार पहले वर्ष में अप्रत्यक्ष रूप  से किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हरियाणा में 22 वर्षों के बाद छात्रसंघ के चुनाव करवाए जा रहे हैं, इसलिए इस वर्ष यह चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से आयोजित होंगे और अगले वर्ष से इन्हें सीधे करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन चुनावों को लेकर अभी कोई तिथि फाइनल नहीं हुई है। उन्होंने अन्य राजनीतिक दलों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह चुनाव 22 सालों के बाद हमारी सरकार के दौरान हो रहे हैं।

ये रहेगी छात्रों की रणनीति
- संघर्ष समिति के बैनर तले छात्र 8 और 9 अक्तूबर को सभी विश्वविद्यालयों में सरकार की छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ रैलियां निकालेंगे।
- 12 अक्तूबर को यदि सरकार ने अप्रत्यक्ष चुनाव करवाने की कोशिश की, तो छात्र संघ इस चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
- 9 अक्तूबर को सांपला में नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित रैली में प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
- 11 अक्तूबर को पूरे हरियाणा के कालेज व विश्वविद्यालयों में की जाएगी हड़ताल।
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छात्रों की सियासत में फंसी सरकार, खुफिया विभाग अलर्ट

Digvijay Chautala - फोटो : Amar ujala
हरियाणा में प्रस्तावित छात्र संघ के चुनावों के चलते सरकार छात्रों की सियासत में फंस गई है। चुनाव के तरीके को लेकर सरकार और छात्रों में टकराव बढ़ता जा रहा है। नौबत यहां तक आ चुकी है कि छात्र संगठनों ने पूरी लामबंदी के साथ यह ऐलान कर दिया है कि यदि सरकार ने जबरन अप्रत्यक्ष तरीके से चुनाव करवाकर अपने चहेते प्रतिनिधियों को कालेजों व विश्वविद्यालयों में छात्रों पर थोपने की कोशिश की तो एक बड़ा छात्र आंदोलन खड़ा होगा। सभी कालेजों और विश्वविद्यालयों पर ताले जड़ दिए जाएंगे।

छात्र नेताओं ने चेतावनी भरे लहजे में सरकार को ललकारते हुए यह तक कह दिया है कि  कालेजों और विश्वविद्यालयों में अप्रत्यक्ष चुनावों के खिलाफ एकजुट हुए छात्रों की मूवमेंट को सरकार हलके में न ले, बल्कि  बड़ा खामियाजा भुगतने को तैयार रहे। छात्र नेता दिग्विजय चौटाला, शहनवाज, दिव्यांशु बुद्धिराजा समेत अन्यों ने साफ कहा कि सरकार ने अप्रत्यक्ष चुनाव करवाने की यदि जिद न छोड़ी, तो छात्रों के सड़कों पर उतरकर जोरदार आंदोलन करने की पूरी जिम्मेवारी सरकार की रहेगी। छात्र संगठनों की इस चेतावनी ने जहां प्रदेश के कालेजों व विश्वविद्यालयों में हालात बिगड़ने के संकेत दे दिए हैं, वहीं सरकार ने अपनी खुफिया एजेंसी को भी अलर्ट कर दिया है।

सरकारी सूत्रों ने बताया कि इस वक्त सीआईडी प्रदेश के सभी कालेजों और विश्वविद्यालयों में पूरी तरह से सक्रिय है और वहां छात्र संघ चुनावों को लेकर छात्रों का मूड भांप रही है। सरकार का विरोध करने वाले छात्र संगठनों की बैठकों, फैसलों और उनकी कार्यप्रणाली के संबंध में भी सीआईडी पूरी जानकारी जुटा रही है। दूसरी ओर, सरकार ने छात्रसंघ चुनावों को लेकर सभी विश्वविद्यालयों से भी एक रिपोर्ट मांग रखी है। जिसमें विश्वविद्यालय प्रशासन अपने कैंपस में चुनावों को लेकर अपनी तैयारियों और तरीके के बारे में सरकार को रिपोर्ट देंगे। इस रिपोर्ट के बाद सरकार चुनाव की तिथि का ऐलान करेगी। लेकिन सीएम ने तमाम अटकलों और आंदोलनों की चेतावनी के बाद ये साफ कर चुके हैं कि इस साल तो छात्र संघ के चुनाव अप्रत्यक्ष होंगे और अगले साल प्रत्यक्ष चुनावों की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। लेकिन सीएम के इस दावे और घोषणा को छात्र संगठनों के नेताओं ने सिरे से खारिज कर दिया है।

आम चुनाव प्रभावित होने का डर तो नहीं
हरियाणा सरकार छात्र संघ के चुनाव इस साल अप्रत्यक्ष रूप से क्यों करवाना चाहती है, इसे लेकर भी अटकलों का दौर गरमा गया है। छात्र नेता दिग्विजय चौटाला और दिव्यांशु बुद्धिराजा ने तो साफ कहा कि अगले साल आम चुनाव है और युवा केंद्र व राज्य सरकार से नाराज है।  इसलिए यदि कालेजों और विश्वविद्यालयों में सीधे वोटिंग से चुनाव होते हैं, तो इस बात की भारी संभावना है कि  चुनाव में भाजपा की छात्र इकाई एबीवीपी का सूपड़ा साफ हो जाएगा।
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