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डिफेंस के सिविल कर्मचारियों को रक्षा मंत्रालय का तोहफा

Tue, 11 Aug 2015 12:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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केंद्र सरकार के रक्षा मंत्रालय ने रिटायर्ड डिफेंस के सिविल कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। नए फैसले के मुताबिक रिटायर्ड होने के बाद भी सीएसडी कैंटीन से वह सामान खरीद सकेंगे। पहले रिटायरमेंट के बाद इन कर्मचारियों से सीएसडी कैंटीन से सामान खरीदने की सुविधा वापस ले ली जाती थी। रिटायर होते ही कर्मियों को कैंटीन कार्ड सरेंडर करने पड़ते थे।
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कर्मचारियों की दलील थी कि रिटायर होने के बाद उनकी आय के संसाधन बंद हो जाते हैं। ऊपर से कैंटीन की सुविधा भी नहीं मिलती। महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में मुश्किलें बढ़ जाती थी। इसलिए सिविल कर्मचारियों की डिमांड थी कि उन्हें भी सीएसडी कैंटीन से सुविधा मिलनी चाहिए।

नए फैसले का सभी ने स्वागत किया है। सूत्रों ने बताया है कि यह डिमांड कई सालों से पेडिंग थी। समय-समय पर रक्षा मंत्रालय से जुड़ी एसोसिएशन इस मुद्दे को उठाती रही हैं। इसका फायदा पुराने कर्मचारी भी उठा सकेंगे।
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इन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
यह फायदा खासकर मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (एमईएस), डिफेंस रिसर्च एंड डिजाइन ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ), प्रधान नियंत्रक रक्षा संपदा, वेतन व लेखा मुख्यालय व ऑर्डिनेंस फैक्टरी सहित अन्य कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। मंत्रालय की ओर से इस संबंध में 31 जुलाई को सभी संबंधित डिपार्टमेंट को लेटर जारी कर दिया है।

कितनी संख्या है कर्मचारियों की
केंद्र सरकार की ओर से कराए जनसंख्या सर्वेक्षण के मुताबिक डिफेंस के सिविल कर्मचारियों की संख्या करीब तीन लाख 75 हजार है। इनमें गजेटेड ऑफिसर भी हैं। इनमें करीब 42700 महिला कर्मचारी भी शामिल हैं।

फौजियों के संगठन ने नाराजगी जताई
रक्षा मंत्रालय के फैसले से डिफेंस के सिविल कर्मचारी तो खुश हैं, लेकिन आर्मी के एक्स सर्विसमैन इससे खुश नहीं हैं। ऑल इंडिया डिफेंस ब्रदर हुड के प्रेसिडेंट बिग्रेडियर हरवंत सिंह ने कहा कि उनकी डिमांड को अनसुना किया जा रहा है। वन रैंक वन पेंशन का आंदोलन पिछले 57 दिन से चल रहा है। इस पर कोई फैसला नहीं लिया जा रहा है और सिविलयन को सुविधाएं दी जा रही हैं। यह भी सुनने में आया है कि सीएसडी कैंटीन का प्रॉफिट अब सिविल कर्मचारियों पर भी खर्च किया जाएगा, पहले फौज पर किया जाता था।

कैप्टन संदीप बंसल, एडवोकेट हाईकोर्ट ने बताया कि डिफेंस के सिविल कर्मचारियों की काफी दिनों से चल रही डिमांड पूरी कर दी गई है। रिटायरमेंट के बाद उन्हें कैंटीन की ज्यादा जरूरत पड़ती थी। सरकार की ओर से यह अच्छा कदम है।
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