सात दशक में शहर का औसत न्यूनतम तापमान 1.78 डिग्री बढ़ा
प्रशासन की एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले सात दशक में शहर का औसत न्यूनतम तापमान 1.78 डिग्री, जबकि अधिकतम तापमान 0.63 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया है। मानसून का पैटर्न बदल गया है। अत्यधिक सर्दियों का मौसम नवंबर और दिसंबर से जनवरी में स्थानांतरित हो गई है। इसके पीछे कई कारण है लेकिन एक अहम कारण शहर में गाड़ियों की बढ़ती संख्या है।
शहर में रोजाना लगभग 200 वाहनों का पंजीकरण हो रहा है। केंद्र सरकार की वाहन सेवा पोर्टल के अनुसार ही शहर में आठ लाख से ज्यादा वाहन पंजीकृत हैं। इसके अलावा कई पुराने वाहन हैं, जो डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया से पहले के पंजीकृत हैं। दूसरा कारण जनसंख्या है, जो वर्ष 1951 में सिर्फ 24261 थी। पिछले छह दशकों (1951 से 2011) में 44 गुना बढ़ कर 10 लाख से ज्यादा हो चुकी है।
क्या होता है पीएम 2.5?
पीएम 2.5 प्रदूषक कणों की उस श्रेणी को संदर्भित करता है, जिसका आकार 2.5 माइक्रोन के करीब का होता है। ये बहुत छोटे कण होते हैं, जो सांस लेने के दौरान शरीर में प्रवेश कर गले में खराश, जलन और फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं। मुख्य रूप से आग, बिजली संयंत्रों और औद्योगिक प्रक्रियाओं के कारण इसका स्तर बढ़ता है। पीएम 2.5 के बढ़ने के कारण धुंध छाने और साफ न दिखाई देने के साथ कई गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
एक्यूआई स्तर
- शून्य से 50: अच्छा
- 51-100: संतोषजनक
- 101-200: मध्यम
- 201-300: खराब
- 301-400: बहुत खराब
- 401-500: गंभीर