कॉमर्स में 99.75 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली हिमांशी ने बताया कि कोविड की वजह से उन्होंने घर पर रहकर ही पढ़ाई की। ऑनलाइन कक्षाओं की वजह से अभ्यास के लिए ज्यादा समय मिला। हिमांशी के पिता नरिंदर प्रकाश पेशे से व्यवसायी हैं और माता वंदना रानी गृहणी हैं।
हिमांशी ने बताया कि ऑफलाइन कक्षाओं में ज्यादा समझ आता है, लेकिन कोरोना की वजह से स्थितियां पूरी तरह से बदल गईं। पूरा साल काफी चुनौतीपूर्ण रहा। कोरोना की दूसरी लहर में चचेरी बहन को कोविड हो गया, लेकिन दोनों ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी पढ़ाई जारी रखी। ऑनलाइन पढ़ाई के बाद जो भी शंकाएं होती थी, उसे अध्यापकों को फोन कर समझा।
जज की बेटी तानिया बहल बनना चाहती हैं वकील
स्ट्रॉबेरी फील्ड हाईस्कूल सेक्टर-26 की छात्रा तानिया बहल को बारहवीं में 98.75 फीसदी अंक मिले हैं। वह कला वर्ग में चंडीगढ़ की टॉपर हैं। तानिया के पिता विकास बहल पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जज हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। तानिया को अंग्रेजी में 99, अर्थशास्त्र में 96, सोशलॉजी व राजनीति विज्ञान में 100-100 अंक मिले हैं। तानिया पंजाब विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई कर वकील बनना चाहती हैं।
वह प्रवेश परीक्षा की तैयारी में जुटी हैं। उनका कहना है कि वे अपने पिता से काफी प्रेरित हैं और न्यायिक क्षेत्र में भविष्य बनाना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि वे अंक देने वाले फार्मूले से संतुष्ट हैं। जितनी उम्मीद थी, उतने अंक मिले हैं। चंडीगढ़ सेक्टर-16 निवासी तानिया का कहना है कि सभी विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए। कठिन परिश्रम से ही सफलता हासिल होती है। सफलता का कोई भी शॉर्टकट नहीं है। टाइम टेबल के मुताबिक विद्यार्थी पढ़ाई करें। जितने भी देर पढ़ें, मन लगाकर पढ़ें।
सेक्टर-9 निवासी रिया जुनेजा ने नॉन मेडिकल में 96 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। सेक्टर-26 स्ट्राबेरी फील्ड हाईस्कूल की छात्रा रिया ने बताया कि परीक्षा भले ही न हुई हो, लेकिन तैयारी पूरी थी। उस दौरान दादा कोरोना संक्रमित भी हो गए थे। उन्हें क्वारंटीन करने के बाद आधा घर सील कर दिया गया था। इन परेशानियों के बावजूद रिया ने अपनी मेहनत में कोई कमी नहीं आने दी।
रिया के पिता वरुण जुनेजा का व्यवसाय है, जबकि मां टम्मी जुनेजा गृहिणी। रिया के अंग्रेजी में 99, कंप्यूटर विज्ञान में 99, फिजिक्स में 94 और गणित में 92 नंबर आए हैं। उन्हें लगता है कि गणित के लिए वे री-चेकिंग का विकल्प भी चुनेंगी। रिया का कहना है कि वह भविष्य में गणित व कंप्यूटर साइंस से जुड़े क्षेत्र में ही अपना करियर बनाएंगी। ऑनलाइन पढ़ाई एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन शिक्षकों का सहयोग काफी महत्वपूर्ण था। इसके अलावा यूट्यूब चैनल को मनोरंजन के साथ अपनी पढ़ाई का साथी बनाया। उनका सुझाव है कि छात्र पढ़ाई को बोझ न बनाएं बल्कि टाइम टेबल बनाकर पढ़ना चाहिए।
कोविड के तनाव को हराकर जीवनजोत ने दसवीं में लिए 99 फीसदी अंक
स्ट्राबेरी हाईस्कूल की छात्रा जीवनजोत ने कोविड के तनाव को हराकर दसवीं में 99 फीसदी अंक हासिल किए हैं। नंबरों के हिसाब से वे चंडीगढ़ की टॉपर हैं। उनका कहना है कि कोरोना काल काफी कठिन समय था। उस दौरान पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करना बहुत मुश्किल हो रहा था। बोर्ड की तैयारियों के दिनों में हमें जानकारी नहीं थी कि परीक्षा नहीं होगी, इसलिए ऑफलाइन परीक्षाओं को ध्यान में रखकर पूरे वर्ष पढ़ाई की।
उन्होंने बताया कि वे परीक्षा की तैयारियों के लिए रोजाना 7 से आठ घंटे पढ़ाई की। परीक्षाओं के दौरान माता-पिता की प्रेरणा काफी काम आई है। उनके पिता सतविंदर पाल सिंह बैंक मैनेजर हैं। माता कल्पना गृहिणी हैं। जीवनजोत सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहती हैं। वे बारहवीं में भी अच्छे अंक हासिल कर टॉप कालेज में दाखिला लेना चाहती हैं।