चंडीगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रेडियो प्रोग्राम ‘मन की बात’ में कोरोना वैक्सीन लगवाने वाले शख्स को मुफ्त छोले भटूरे खिलाकर टीकाकरण अभियान को सफल बनाने में जुटे संजय राणा की तारीफ की। सेक्टर 29 की मार्केट में साइकिल पर छोले भटूरे बेचने वाले संजय पिछले सवा महीने से इस कार्य में लगे हैं। वे उन लोगों को मुफ्त में छोले भटूरे खिलाते हैं, जो टीका लगवाने के बाद उसी दिन टीकाकरण का मैसेज दिखाते हैं। संजय राणा ने बताया कि वे सिर्फ देश सेवा कर रहे हैं। कोरोना ने कई लोगों के घर उजाड़ दिए। वो दिन देखे नहीं जाते। कोरोना से बचने सिर्फ एक ही तरीका है कि ज्यादा से ज्यादा लोग टीका लगवाएं। उन्होंने बताया कि इस बीच उन्हें अपने एक करीबी रिश्तेदार की बेटी की शादी की तैयारियों के लिए हिमाचल के बिलासपुर में जाना था, लेकिन लोगों को छोले भटूरे खिलाने की वजह से नहीं जा सके। पत्नी जा चुकी है अब वह सिर्फ दो दिन के लिए जाएंगे। मन की बात में जिक्र होने के बाद उनके पास देश-विदेश से खूब फोन आने लगे। कनाडा से भी एक संस्था का फोन आया था। इसके अलावा भाजपा नेता संजय टंडन, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद समेत कई लोग रामदरबार स्थित संजय के घर पहुंचे और उनका सम्मान किया।
मन की बात में क्या कहा पीएम मोदी ने
पीएम ने कहा कि चंडीगढ़ के सेक्टर -29 में संजय राणा जी एक फूड स्टॉल चलाते हैं और साइकिल पर छोले भटूरे बेचते हैं। उन्होंने कहा कि राणा की बेटी रिद्धिमा और भतीजी रिया ने उन्हें टीका लगवाने वालों को मुफ्त में छोले-भटूरे देने का सुझाव दिया था। दोनों ने उनसे कहा कि जो लोग कोरोना का टीका लगवाते हैं, उन्हें मुफ्त छोले भटूरे दें। वह खुशी-खुशी इसके लिए तैयार हो गए। पीएम ने कहा कि संजय राणा जी के छोले-भटूरे का मुफ्त स्वाद लेने के लिए आपको दिखाना होगा कि आपने उसी दिन टीका लगवाया है। जैसे ही आप उन्हें टीकाकरण संदेश दिखाएंगे, वह आपको स्वादिष्ट छोले भटूरे खिलाएंगे। कहा जाता है कि समाज की भलाई के लिए काम करने के वास्ते सेवा और कर्तव्य की भावना की आवश्यकता होती है। हमारे भाई संजय इसे सही साबित कर रहे हैं। 1990 के दशक में भाजपा के लिए संगठन का काम संभालने के दौरान चंडीगढ़ में बिताए समय को भी उन्होंने याद किया। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही खुशमिजाज और खूबसूरत शहर है। यहां रहने वाले लोग भी बड़े दिलवाले हैं। और हां, अगर आप खाने के शौकीन हैं तो आपको यहां और भी ज्यादा आनंद आएगा। वहीं राणा ने अपने काम का जिक्र करने पर पीएम का धन्यवाद किया।
ज्यादा से ज्यादा 30-35 लोगों को खिला सकते हैं मुफ्त भटूरे
जब संजय से पूछा गया कि एक दिन में वे कितने लोगों को मुफ्त में छोले भटूरे खिला सकते हैं तो उनका कहना था कि ज्यादा से ज्यादा 30-35 लोगों को। इससे ज्यादा लोगों को खिलाया तो उनका बजट गड़बड़ा सकता है। उनका कहना है कि यदि ज्यादा लोग आते हैं तो पहले 30 लोगों को खिलाने का प्रावधान कर सकते हैं। उन्होंने दो दिन पहले एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि दो दिन पहले उनके पास तीन से चार छोले भटूरे की प्लेट रखी थी। उसी दौरान ग्राहक के साथ दो तीन लोग ऐसे भी आए जो वैक्सीन लगवाकर आए थे। ऐसी स्थिति में उन्होंने ग्राहकों की बजाय वैक्सीन लगाने वाले लाभार्थियों को भटूरे खिलाए।
साइकिल वाले छोले भटूरे के नाम से प्रसिद्ध है
संजय राणा ने बताया कि पूरे इलाके में उनकी दुकान साइकिल वाले छोले भटूरे के नाम से प्रसिद्ध है। शहर के कई नामी लोग भी उनके पास आते हैं। वे अपने छोले में लहसुन, प्याज, टमाटर और तेल नहीं डालते हैं। सिर्फ मसालों का इस्तेमाल करते हैं। 40 रुपये में बिकने वाली प्लेट में तीन भटूरे होते हैं। उन्होंने बताया कि पहले उनके पिता इसी मार्केट में दुकान चलाते थे। उनके बाद वे बेच रहे हैं।