हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने राष्ट्रपति निशान मिलने पर गौरव महसूस करते हुए कहा कि हरियाणा पुलिस के लोगों में लिखे सेवा, सुरक्षा व सहयोग केवल शब्द नहीं यह भावना के प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने गृहमंत्री द्वारा यह सम्मान प्रदान करने पर आभार जताया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व में जम्मू कश्मीर से 370 धारा और 35 ए को समाप्त करने का जो साहसिक कार्य किया गया है, उससे एक निशान, एक विधान और एक प्रधान का सपना साकार हुआ है। इसी प्रकार नागरिकता संशोधन कानून व अयोध्या में भगवान श्री राम जी के भव्य मंदिर बनाने का काम किया है।
मोबाइल प्रयोग से अपराध बढ़ा
उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस प्रदेश में सुरक्षा को चाक चौबंद किए हुए है। 21वीं सदी में पुलिस में जो दक्षता होनी चाहिए, वह हरियाणा पुलिस में है। हर समय पोर्टल पर 32 नागरिक सेवाएं पुलिस के द्वारा दी जाती हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में इंटरनेट और मोबाइल का उपयोग जैसे-जैसे बढ़ रहा है, वैसे ही साइबर क्राइम भी बढ़ा है, इस पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश में 29 साइबर थाने व 309 साइबर डेस्क स्थापित किए हैं।
इसके अलावा, प्रदेश में जिला स्तर से ब्लॉक स्तर तक महिला पुलिस थाने खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस में महिलाओं की संख्या 9 प्रतिशत है, इसे 15 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि पंचकूला में अंतरराज्यीय ड्रग सचिवालय स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से 7 राज्य आपसी समन्वय से ड्रग मामलों पर नियंत्रण रखे हुए हैं।
पुलिस के कंधों पर अब इस सम्मान के दायित्व भी
मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा पुलिस को आज राष्ट्रपति निशान मिलने से हमारा मनोबल भी बढ़ा है। लेकिन इससे पुलिस का दायित्व भी बढ़ा है, क्योंकि जिन विशेषताओं के लिए यह राष्ट्रपति सम्मान मिला है, वो विशेषताएं तो बनाकर रखनी ही हैं, बल्कि अपनी दायित्वों का निर्वहन भी और प्रभावी तरीके से करना है
यह राज्य है राष्ट्रपति निशान अंलकृत
राष्ट्रपति निशान से प्राप्त होने वालों की सूची में 10 वां राज्य हरियाणा है,जहां की पुलिस को यह गौरव मिला है। हरियाणा से पहले यह सर्वोच्च सम्मान मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, जम्मू कश्मीर, तमिलनाडु, त्रिपुरा, गुजरात, हिमाचल प्रदेश और असम मिल चुका है,जबकि वर्ष 1951 में सबसे पहले यह निशान इंडियन नेवी को हासिल हुआ था।
बारह हजार से 75 हजार पार पुलिस कर्मियों की संख्या
1 नवंबर, 1966 को अस्तित्व में आये हरियाणा ने केवल 12,000 पुलिस कर्मियों से सेवाएं देना शुरु किया था। वर्तमान में यह संख्या 75,000 से अधिक है। हरियाणा पुलिस की 5 पुलिस रेंज, 4 पुलिस कमिश्नरेट और 19 जिला पुलिस तथा रेलवे पुलिस के माध्यम से जनता की सेवा और सुरक्षा का दायित्व निभा रही है।