बुधवार देर रात भाजपा के हरियाणा के चुनाव प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय से मुलाकात कर सियासी खलबली मचाने वाले हरियाणा सरकार के पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव रमेंद्र जाखू को पार्टी चुनाव मैदान में उतार सकती है।
दरअसल पार्टी की निगाहें जाट समुदाय के बाद राज्य की दूसरे सबसे बड़े 22 फीसदी अनुसूचित जाति वोट बैंक पर है। कांग्रेस के परंपरागत मतदाता रहे इस वर्ग को पार्टी से जोड़ने के लिए लगातार हाथ पांव मार रही पार्टी इस वर्ग में अपना पैठ बनाने के लिए जाखू को अहम जिम्मेदारी दे सकती है।
वैसे भी पार्टी की योजना विधानसभा चुनाव के दौरान अनुसूचित जाति वर्ग में पैठ बनाने के लिए इसी वर्ग के दिग्गज नेताओं को चुनाव प्रचार में झोंकने की है। जाखू को इस अभियान का भी अहम हिस्सा बनाया जा सकता है।
जाखू के पार्टी में शामिल होने का इंतजार
विजयवर्गीय से मुलाकात के बाद भाजपा को जाखू के पार्टी में शामिल होने का इंतजार है। विजयवर्गीय-जाखू मुलाकात को कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
दरअसल जाखू हरियाणा की वर्तमान मुख्य सचिव शकुंतला जाखू के पति हैं, इसलिए इस मुलाकात पर सियासी हलके में जबरदस्त चर्चा हुई।
हालांकि विजयवर्गीय ने जाखू से हुई मुलाकात को सामान्य और शिष्टाचार मुलाकात बताया। उन्होंने कहा कि पूर्व परिचित होने के कारण दोनों ने रात का खाना एक साथ खाया था।
पार्टी में शामिल होने के बाद ही जाखू पर फैसला
सूत्रों का कहना है कि पार्टी जाखू के भाजपा से राजनीतिक कैरियर शुरू करने का इंतजार कर रही है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का कहना था कि चूंकि जाखू ने विधिवत भाजपा की सदस्यता नहीं ली है, इसलिए उन्हें दी जाने वाली जिम्मेदारी के बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी।
हालांकि उक्त नेता ने जाखू को चुनाव मैदान में उतारने या पार्टी और चुनाव प्रचार में बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया।
उक्त नेता ने बताया कि चूंकि पार्टी के पास हरियाणा में कोई बड़ा दलित चेहरा नहीं है, इसलिए जाखू अगर पार्टी में शामिल होते हैं तो पंजाब से लगते हरियाणा के इलाके में पार्टी की दलितों में पैठ बनाने के लिए उनकी सेवा ली जा सकती है।