चंडीगढ़। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का अधिकारी बनकर पंजाब के डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा, सांसद भगवंत मान समेत कई मंत्रियों और आईपीएस अधिकारियों को फोन करने के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को दूसरे आरोपी को भी धर दबोचा। आरोपी की पहचान मोहाली थ्रीबी वन निवासी आलमजीत सिंह मान (56) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को शनिवार को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इससे पहले बीते वीरवार को इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने जालंधर निवासी तरणजीत सिंह को गिरफ्तार किया था।
सेक्टर-19 थाने के कार्यवाहक थाना प्रभारी रोहताश यादव ने बताया कि आलमजीत सिंह मान खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताता है। आलमजीत ही आरोपी तरणजीत को मंत्रियों और आईपीएस अधिकारियों के नंबर मुहैया कराता था। इसके बाद तरणजीत व्हाट्सएप कॉल कर मंत्रियों और आईपीएस अफसरों से कहता था कि उनके खिलाफ ईडी को शिकायत मिली है। रोहताश ने बताया कि आरोपी उन्हें कहता था कि वह उनके साथ अच्छे संबंध रखना चाहता है। इसके बाद वह उन्हें अपने जाल में फंसाकर पैसे ऐंठने की कोशिश करता था। पुलिस ने बीते वीरवार को तरणजीत सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अब उसके साथी जालंधर निवासी आलमजीत सिंह मान को पुलिस ने शुक्रवार को सेक्टर-49 स्थित नरवाना सोसाइटी से दबोच लिया। इनका तीसरा साथी जो खुद को जितेंद्र कुमार बताता है, फरार है। पुलिस ने बताया कि जितेंद्र की गिरफ्तारी के बाद उसकी भूमिका के बारे में खुलासा किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, आरोपी तरणजीत सिंह ने पंजाब के सांसद भगवंत मान और डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा, राणा गुरमीत सिंह सोढी, उत्तर प्रदेश के बीएसपी के जनरल सेक्रेटरी, पंजाब पुलिस के आईपीएस हरमनदीप हंस, पंजाब मुख्यमंत्री आवास के विकास पराशर, गुरजीत सिंह को भी फोन किया था। इसके अलावा कई अन्य लोगों से भी ठगी की कोशिश की थी। पुलिस के अनुसार आरोपी कॉल के बाद व्हाट्सएप कॉल को मोबाइल से डिलीट कर देता था। बाद में तरणजीत अपने साथी आलमजीत सिंह को बताता था कि उसे क्या-क्या जवाब मिला। पुलिस ने बताया कि आरोपी कॉल करने के बाद मिलने की बात करते थे।
व्हाट्सएप नंबर पर लगा रखी थी ईडी की तस्वीर
पुलिस ने बताया कि अभी तक किसी से रुपये लेने का मामला सामने नहीं आया है। आरोपियों ने दिसंबर से यह काम शुरू किया था। आरोपी खुद की ओर से की गई कॉल को तो डिलीट कर देता था और दूसरे की तरफ से आने वाली कॉल और मिस कॉल को लोगों को दिखाकर खुद को ईडी अधिकारी बताता था। आरोपी ने अपने व्हाट्सएप नंबर पर ईडी की तस्वीर लगा रखी थी। पुलिस ने आरोपियों मोबाइल कब्जे में ले लिए हैं।
ईडी डायरेक्टर की शिकायत पर हुई कार्रवाई
चंडीगढ़ के ईडी डायरेक्टर अजय को पता चला कि एक व्यक्ति ईडी का अधिकारी बनकर मंत्रियों और पुलिस अधिकारियों को कॉल कर रहा है। उन्होंने इसकी शिकायत चंडीगढ़ पुलिस को दी। पुलिस ने जांच पड़ताल करने के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।