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321 करोड़ रुपये केᅠमनी लॉन्ड्रिंगᅠमामले में चार्जशीट दायर, आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका मंजूर

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चंडीगढ़। 321 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में इंडियन ओवरसीज बैंक की चंडीगढ़ स्थित शाखा के तत्कालीन असिस्टेंट मैनेजर आशु मेहरा की अग्रिम जमानत याचिका को सीबीआई अदालत ने मंजूर कर लिया है। इसके साथ ही सीबीआई ने मामले में चार्जशीट दायर कर दिया है। अगस्त 2018 में इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी), पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) और बैंक ऑफ बड़ौदा (बॉब) में 321 करोड़ के घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत केस दायर किया था। ईडी ने केस में आईओबी के तीन तत्कालीन असिस्टेंट बैंक मैनेजरों, रिटायर्ड ब्रिगेडियर, प्रोपराइटर्स और चंडीगढ़ आधारित निजी कंपनियों के दो डायरेक्टरों समेत 41 लोगों को आरोपी बनाया है।
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ईडी की ओर से दायर केस के अनुसार, आरोपियों में शामिल आईओबी बैंक की चंडीगढ़ स्थित शाखा के तीन तत्कालीन असिस्टेंट बैंक मैनेजर आशु मेहरा, नीतेश नेगी और गौरव भाटिया ने बिना सीनियर अधिकारियों की अनुमति के हांगकांग आधारित कंपनियों को पेमेंट के लिए पीएनबी की दुबई शाखा और बॉब की बहामास शाखा को लेटर ऑफ क्रेडिट जारी कर दिया था। इस आधार पर दोनों बैंकों ने विदेश में उन कंपनियों को करोड़ों की पेमेंट जारी कर दी थी। इस तरह से पीएनबी, बॉब और आईओबी की शाखाओं से कुल 321 करोड़ की धोखाधड़ी की गई। तीनों बैंक अधिकारियों ने चंडीगढ़ आधारित दो कंपनियों के डायरेक्टर दिनेश कुमार, अमनप्रीत सिंह सोढी, अमन किरपाल, गौरव किरपाल, ब्रिगेडियर एमएस दुल्लत को करोड़ों का फायदा पहुंचाया था।
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