विजिलेंस ब्यूरो ने पंजाब के पूर्व वन मंत्री संगत सिंह गिलजियां के भतीजे दलजीत सिंह समेत तीन लोगों के खिलाफ करोड़ों रुपये के वन घोटाले में आरोप पत्र दायर किया है। चार्जशीट में भ्रष्टाचार के काले कारोबार में पूर्व मंत्री गिलजियां और उनके भतीजे के कारनामे के खुलासे किए हैं। चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने ट्री गार्ड घोटाला करने के अलावा अवैध खनन से भी मोटी रकम कमाई थी। अब इस मामले में नियमित सुनवाई होगी।
आरोप पत्र में कहा गया है गिलजियां ने राज्य के सारे डिवीजन जंगलात अधिकारियों को बुलाकर मीटिंग की थी। उन्हें प्राइवेट ठेकेदार हरमोहिंदर सिंह के सहयोगी सचिन कुमार से 2800 रुपये की महंगी दर से ट्री गार्ड खरीदने का आदेश दिया था। 800 रुपये प्रति ट्री गार्ड गिलजियां को कमीशन मिलनी थी। अस्सी हजार ट्री गार्ड की खरीद के बदले उन्हें 6.40 करोड़ रिश्वत दी गई।
चार्जशीट में कहा गया है कि गिलजियां ने आईएफएस अधिकारी अमित चौहान को रूपनगर डिवीजनल जंगलात अफसर के रूप में तैनात किया। उसकी निगरानी में गांव जिंदापुर की 486 एकड़ जंगल की जमीन में 40-50 करोड़ की अवैध माइनिंग हुई। गिलजियां ने 2021 जंगलात मंत्री बनने के बाद प्रवीन कुमार को जंगलात विभाग का मुख्य कंजरवेटर तैनात किया गया।
अधिकारी की तैनाती के लिए मांगे थे 20 लाख
हरमोहिंदर के मुताबिक दलजीत सिंह ने एक अन्य आरोपी आईएफएस अधिकारी विशाल चौहान को मोहाली में तैनात करने के लिए 20 लाख रुपये की मांग की थी। विशाल ने हरमोहिंदर सिंह को बताया था कि उसके पास 10 लाख रुपये ही है। चार्जशीट में दावा किया गया है कि गिलजियां ने दलजीत सिंह की जान पहचान विभाग के सारे अधिकारियों से करवाई। साथ ही कहा कि उनका काम वहीं देखेगा। उसके माध्यम से ही सारी कार्रवाई चल रही थी।
दो कंपनियों के माध्यम से खरीदे गए ट्री गार्ड
आरोप पत्र में दो कंपनियों का जिक्र किया गया जिनके माध्यम से ट्री गार्ड खरीदे गए। विजिलेंस ने जांच में पाया है कि अमित चौहान ने रेंज अफसर सुखविंदर सिंह से मिलीभगत करके करीब 52 लाख रुपये का गबन किया है। इसके अलावा संगत सिंह गिलजियां व प्रवीन कुमार ने कथित कौर पर इस साल जनवरी में 23 कार्यकारी फील्ड अधिकारियों के तबादले पैसे लेने के बाद किए थे।