पूर्व सांसद व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन बंसल का कहना है कि वर्ष 2016 में चंडीगढ़ को स्मार्ट सिटी के तहत चुना गया था। उसके बाद तीन साल में योजनाएं बनाई गईं। यह योजनाएं ऐसी थीं, जो केवल ख्वाब बनकर रहीं। शहर की जनता को 24 घंटे पानी नहीं चाहिए, लोग समय से बेहतर जलापूर्ति चाहते हैं। स्मार्ट सिटी के नाम पर अभी हम शून्य हैं। कचरा अलग-अलग करने की योजना को भी हम बेहतर नहीं कर सके हैं। आखिर इन पांच सालों में हुआ क्या जिस पर हम गर्व से कह सकें कि चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी बन गया।
बंसल ने कहा कि शहर के कचरे को अलग-अलग करने और उसके निस्तारण की व्यवस्था हो नहीं सकी और बात स्मार्ट सिटी की कर रहे हैं। निगम की योजनाओं को स्मार्ट सिटी के तहत पूरा करवाकर निगम का फंड भी खत्म करवा दिया। कचरे का पहाड़ वैसा का वैसा खड़ा है। स्काडा सिस्टम का ढोल पीट रहे थे, लेकिन इस योजना का कोई अता पता नहीं है। नलों में आज भी गंदा पानी आ रहा है। लीकेज को भी ठीक नहीं किया गया। कचरा उठाने की व्यवस्था गांव और शहर दोनों जगह फेल साबित हुई है। 24 घंटे पानी आपूर्ति योजना के खर्चे को पानी को ट्रीट करने में खर्च किया जाए तो पानी का अपव्यय बचेगा और हम ज्यादा से ज्यादा पानी का उपयोग कर सकेंगे।