पिछले काफी समय से लोकल रूट पर घाटे में चल रहे चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) के जल्द अच्छे दिन आने वाले हैं। पीएम ई-बस सेवा योजना में चंडीगढ़ का चयन हुआ है। इसमें सीटीयू को 100 बसों के लिए केंद्र सरकार से प्रति किमी 24 रुपये की सब्सिडी मिलेगी। इन 100 बसों को छह महीने के अंदर सड़कों पर उतारने की तैयारी चल रही है।
वर्तमान में शहर की सड़कों पर जो 80 इलेक्ट्रिक बसें दौड़ रही हैं, वे केंद्र सरकार की ओर से फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिक व्हीकल (फेम इंडिया) योजना के अंतर्गत लाई गई हैं। प्रति बस केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ को 45 लाख रुपये की सब्सिडी दी है लेकिन अब सब्सिडी देने के मॉडल को बदला जा रहा है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर बस संचालन के विस्तार के लिए केंद्र ने पीएम-ई बस सेवा को लांच किया है। इसमें चंडीगढ़ को शामिल किया है, जिसके तहत शहर को 100 ई-बसों के लिए प्रति बस 24 रुपये प्रति किलोमीटर की सब्सिडी मिलेगी।
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बसों को खुद नहीं खरीद रहा सीटीयू
दरअसल, अब सीटीयू बसों को खुद खरीद नहीं रहा है बल्कि पीपीपी मोड पर कंपनियों से प्रति किमी पर समझौता कर रहा है। वर्तमान में 40-40 कर 80 ई-बसों के लिए दो कंपनियों से समझौता हुआ है। पहली 40 बसों के लिए अशोक लेलैंड से 10 साल के लिए 154.01 करोड़ और फरवरी 2022 में अन्य 40 बसों के लिए वॉल्वो-आयशर के साथ 10 साल के लिए 115.44 करोड़ रुपये में समझौता हुआ। वॉल्वो-आयशर को सीटीयू 44.99 रुपये प्रति किलोमीटर चुका रहा है। सीटीयू को सिर्फ किमी के अनुसार कंपनी को पैसे देने हैं, बस, ड्राइवर, बसों का रखरखाव, चार्जिंग स्टेशन आदि सब कुछ कंपनी की जिम्मेदारी होती है।
अब ऐसे लाभ में आ सकता है सीटीयू
वर्तमान में नौ मीटर की बस से सीटीयू को प्रति किमी करीब 35 रुपये की कमाई हो रही है। बताया जा रहा है अब जो बसें आएंगी वह 12 मीटर की होंगी, जिसमें बैठने और खड़े होने की क्षमता ज्यादा होगी। हालांकि, सीटीयू के अधिकारी मानकर चल रहे हैं कि आने वाली बसों से भी कम से कम प्रति किमी 35 रुपये की आमदनी तो होगी ही। इसके साथ ही केंद्र सरकार से प्रति किमी 24 रुपये की सब्सिडी भी मिलेगी। ऐसे में सीटीयू की आमदनी कुल 59 रुपये प्रति किमी की होगी और जिस भी कंपनी से बस चलाने के लिए समझौता होगा वह 45 रुपये के आसपास होगा। यानी खर्च 45 रुपये होंगे और आमदनी 59 रुपये की होगी। सीटीयू को लोकल व ट्राइसिटी रूट पर प्रति किलोमीटर 14 रुपये का मुनाफा होगा। एक अनुमान के अनुसार सीटीयू को केंद्र से सब्सिडी के रूप में रोजाना करीब साढ़े पांच लाख रुपये मिलेंगे।
बसें चलाने के लिए 10 वर्ष तक केंद्र देगा पैसा
योजना के अनुसार पीपीपी मॉडल पर ई-बसों के संचालन के लिए केंद्र 10 साल तक सब्सिडी को जारी रखेगा। बसों के संचालन से जुड़ी बुनियादी संरचना से डिपो इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास व अपग्रेडेशन में सीटीयू सहायता मिलेगी और ई-बसों के लिए बिहाइंड द मीटर विद्युत इन्फ्रास्ट्रक्चर (सबस्टेशन आदि) का निर्माण भी संभव होगा। परिवहन विभाग के निदेशक प्रद्युमन सिंह ने कहा कि योजना के तहत ई-बसों को लाने के लिए कार्य चल रहा है। कई स्तर पर बैठकें हो चुकी हैं। कोशिश है कि छह महीने के अंदर बसों को सड़कों पर उतार दिया जाए ताकि शहर के वातावरण को स्वच्छ बनाने में सीटीयू अपनी मजबूत भूमिका निभा सके। उन्होंने कहा कि शहर में जो ई-बसें अभी चल रही हैं। लोगों को बहुत पसंद आ रही हैं। उनसे प्रदूषण भी नहीं होता है।