स्वच्छ भारत रैंकिंग में चंडीगढ़ को बेहतर पायदान पर पहुंचाने के लिए शहरवासियों ने पूरा जोर लगा दिया है। लोगों ने अपने फीडबैक की श्रेणी को अव्वल बनाने के लिए अब तक का सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 82 हजार से ज्यादा लोगों ने अपने सुझाव पोर्टल पर दर्ज कराए हैं। वहीं निगम के अधिकारी व कर्मचारी अभी भी लगातार फील्ड में जाकर लोगों से उनकी राय जानने के साथ पोर्टल पर फीडबैक देने के लिए जागरूक कर रहे हैं।
आयुक्त आनिंदिता मित्रा के अनुसार, सिटीजन फीडबैक के मामले में हम अभी देश में छठे नंबर पर हैं जबकि विशाखापट्टनम पहले नंबर पर। आयुक्त ने बताया कि निगम के अधिकारी व कर्मचारी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के साथ ही मार्केट वेलफेयर एसोसिएशनों से भी चर्चा कर रहे हैं और स्वच्छ भारत अभियान के फायदे बता रहे हैं। साथ ही अभियान में बेहतर रैंकिंग लाने के लिए उनकी भूमिका की भी जानकारी दे रहे हैं। फीडबैक की जानकारी के अभाव में लोग अपने सुझाव नहीं दे पाते जिससे रैंकिंग प्रभावित होती है लेकिन इस बार लोगों का रुझान देखकर लगता है कि शहर को बेहत रैंकिंग मिलेगी।
शहरवासी 15 अप्रैल तक दे सकते हैं सुझाव
इस अभियान के तहत लोग 15 अप्रैल तक अपने सुझाव दे सकते हैं। स्वच्छ भारत अभियान में प्रत्येक शहर को 7500 अंक मिलने हैं। इसमें सिटीजन फीडबैक के 2250 अंक हैं। नगर निगम ने अपने शौचालयों पर भी फीडबैक देने के लिए बार कोड लगा दिए हैं। इसके अलावा 1969 पर कॉल करके, स्वच्छ सर्वेक्षण पोर्टल और स्वच्छता एप से भी अपने सुझाव दिए जा सकते हैं। लोगों का नकारात्मक सुझाव रैंकिंग के नंबर भी कम करेगा।
साल दर साल नीचे गई रैंकिंग, इस बार सुधार का उम्मीद
स्वच्छता रैंकिंग में चंडीगढ़ साल दर साल नीचे लुढ़कता गया। वर्ष 2016 में चंडीगढ़ स्वच्छता के मामले में देश में दूसरे स्थान पर था। उसके बाद वर्ष 2017 में 11वें, 2018 में तीसरे, 2019 में 20वें, 2020 में 16वें और 2021 में 66वें पायदान पर पहुंच गया। अब निगम ने गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करने की समस्या काफी हद तक सुलझा ली है। वहीं घरों से कचरा ले रहीं गाड़ियां और तीन एमआरएफ सेंटर भी रैंकिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
हमने लोगों को नुक्कड़ नाटक और बैठक कर काफी जागरूक किया है। गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करने में भी काफी सफलता मिली है। शहर की रैंकिंग सुधारने के लिए इस बार लोगों में उत्साह दिख रहा है। - आनिंदिता मित्रा, आयुक्त नगर निगम