चंडीगढ़ में बीते महीने मेयर रविकांत शर्मा व पूर्व भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन पर हमले के मामले में नया मोड़ आ गया है। अब तक इस मामले में किसान एकता मोर्चा के सदस्यों का हाथ माना जा रहा था, लेकिन करीब एक महीने बाद पुलिस ने अब एक सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सेक्टर-48 के नौ दुकानदारों के खिलाफ दंगा भड़काने, मारपीट व धमकी देने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस का दावा है कि इन आरोपियों ने ही भीड़ को हमले के लिए उकसाया, जिसके बाद वहां मौजूद लोगों ने भाजपा नेताओं के वाहनों पर हमला कर दिया था। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को पकड़ने के बाद ही असल साजिश का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल सभी आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
17 जुलाई को हुआ था हमला
पुलिस के मुताबिक, सेक्टर-49 की सुपर को-ऑपरेटिव सोसायटी निवासी प्रहलाद शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 17 जुलाई को एक धन्यवाद समारोह में भाजपा के पूर्व अध्यक्ष संजय टंडन और मेयर रविकांत शर्मा को आमंत्रित किया गया था। समारोह के बाद जब वे वापस जाने लगे तो मोटर मार्केट स्थित बूथ नंबर-208 के दुकानदार सुखपाल भुल्लर, अवतार सिंह, बूथ नंबर-286 के जगप्रीत सिंह, बूथ नंबर-131 के नीरज गुप्ता, बूथ नंबर-179 के बबलू, बूथ नंबर-123 के हरप्रीत सिंह, बूथ नंबर-179 के गांधी और बूथ नंबर-433 के रणजीत सिंह ने वहां मौजूद लोगों को भाजपा विरोधी नारे लगाकर भड़काने के साथ हमले के लिए उकसाया।
शिकायत में यह भी बताया गया कि 16 जुलाई को किसान संयुक्त मोर्चा के सदस्यों ने बैठक कर कहा था कि वे सिर्फ भाजपा नेताओं का विरोध चौराहों पर खड़े होकर झंडे दिखाकर करेंगे। समारोह के दौरान मार्केट में नहीं आएंगे। शिकायतकर्ता का दावा है कि हमले में किसान मोर्चा के किसी भी सदस्य का हाथ नहीं है।
सीसीटीवी फुटेज से हुई पहचान
शिकायतकर्ता ने पुलिस को एक सीसीटीवी फुटेज सौंपी है, जिसमें आरोपी उन लोगों से बातचीत करते दिख रहे हैं, जिन्होंने हमला किया था। इसी आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है और अब हमलावरों की भी तलाश की जा रही है। सेक्टर-49 थाना प्रभारी का कहना है कि आरोपियों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं की गई है। इन आरोपियों का क्या भूमिका है, इसकी जांच के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मोटर मार्केट में हुआ था हमला
सेक्टर-48 स्थित मोटर मार्केट में बीते 17 जुलाई को एक धन्यवाद समारोह से लौट रहे चंडीगढ़ के मेयर रविकांत शर्मा और भाजपा के पूर्व अध्यक्ष संजय टंडन के वाहन पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया था। हमले में भाजपा के दोनों नेता बाल-बाल बच गए थे। उसके बाद पुलिस ने हत्या का प्रयास, दंगा भड़काने, सरकारी संपत्ति में तोड़फोड़ समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किसान मोर्चा से जुड़े कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था। हालांकि बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया था।