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चंडीगढ़ पुलिस का एक्शन: नशा तस्करी के भगोड़े आरोपी की तीन करोड़ की संपत्ति अटैच, प्लॉट, फ्लैट और मकान सील

Wed, 02 Oct 2024 10:13 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ पुलिस ने नशा तस्करी मामलों में भगोड़े आरोपी की तीन करोड़ की संपत्ति अटैच की है। यूटी पुलिस ने पहली बार ऐसी कार्रवाई की है। भगोड़े आरोपी के प्लॉट, फ्लैट और मकान अटैक किए गए हैं। 
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पुलिस (फाइल फोटो) - फोटो : संवाद
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विस्तार
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चंडीगढ़ पुलिस की एंटी-नारकोटिक टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने नशा तस्करों के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ा है। पहली बार किसी भगोड़े आरोपी (नशा तस्कर) की तीन करोड़ रुपये की संपत्ति को अटैच किया गया है। इसका उद्देश्य नशा तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना और इसके दोषियों को आर्थिक रूप से कमजोर करना है। ऐसा करके पुलिस ने नशा तस्करों को कड़ा संदेश दिया है।

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पुलिस ने जिस आरोपी की संपत्ति अटैच की है, उसका नाम रेशम सिंह है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने नशा तस्करी से अपने और अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर संपत्तियां अर्जित की हैं। अटैच की गई संपत्तियां में मोहाली के एरोसिटी में एक प्लॉट, फिरोजपुर के जीरा के ग्रीन सिटी में एक घर, खरड़ के औजला के गुरु होम्स में एक फ्लैट और बलाचौर में एक कृषि भूमि है। इन संपत्तियों के फ्रीजिंग के आदेश एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 68एफ के तहत जारी किए गए हैं। यह धारा पुलिस को नशीले पदार्थों के तस्करी से जुड़े आरोपियों की संपत्ति को जब्त करने का अधिकार देती है। इसका उद्देश्य नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार से अर्जित संपत्तियों को जब्त करके इस अवैध व्यापार को कमजोर करना है। यह धारा उन व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आधार बनती है, जो इस अवैध व्यापार में शामिल होते हैं।

तस्करी के पैसों से खरीदी संपत्तियां
पुलिस के अनुसार इन संपत्तियों की कुल कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये है और इन्हें अवैध नशे के कारोबार से अर्जित धन का उपयोग करके खरीदा गया है। माना जा रहा है कि आरोपी को पुलिस की इस कार्रवाई से बड़ा झटका लगेगा। वह फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है और पंजाब में भी उस पर कई केस दर्ज है। पंजाब पुलिस भी आरोपी को ढूंढ रही है। वहां से भी उसे भगौड़ा घोषित किया गया है। नशा तस्करी के खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस की मुहिम चंडीगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई मादक पदार्थों के कारोबार के वित्तीय नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एक अहम कदम है।
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10 साल में 1303 मामले दर्ज
फ्रीजिंग ऑर्डर धारा 68-एफ(2) के तहत सक्षम प्राधिकारी को भेजे गए हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। चंडीगढ़ पुलिस द्वारा पिछले दस साल के नशा तस्करी करने वालों के खिलाफ मामले दर्ज करके उन पर नकेल कसने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। साल 2015 से 2023 तक चंडीगढ़ पुलिस ने 1303 मामले दर्ज करके आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

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