निगम ऑफिस में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते मेयर अनूप गुप्ता, निगम कमिश्नर आनंदिता मित्रा और एसपी सिटी केतन बंसल।
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करीब तीन साल चंडीगढ़ में पार्किंग चलाने वाली कंपनी पाश्चात्य के डायरेक्टर संजय शर्मा को चंडीगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कंपनी ने पार्किंग का टेंडर लेने के दौरान फर्जी बैंक गारंटी दी थी, जिसका खुलासा करीब ढाई साल बाद हुआ। इसके बाद नगर निगम ने पार्किंग का कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर दिया था। कंपनी के ऊपर नगर निगम का करीब 6.50 करोड़ रुपये बकाया है। जांच में टेंडर चलाने वाले अनिल शर्मा का भी नाम सामने आया है, जिसकी पुलिस को तलाश है।
नगर निगम को फर्जी बैंक गारंटी की जानकारी 18 फरवरी को मिली थी, जिसके बाद नगर निगम ने चंडीगढ़ के एसएसपी को पत्र लिखकर कंपनी के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की थी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच के लिए इकोनामिक ऑफेंस विंग (ईओडब्लू) को केस सौंप दिया था। पुलिस के ईओडब्ल्यू के पास यह केस 6 मार्च को पहुंचा, जिसके आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। आईपीएस केतन बंसल ने बताया कि पुलिस ने पाश्चात्य कंपनी के डायरेक्टर संजय शर्मा को 7 मार्च को ही गिरफ्तार कर लिया था, उसके बाद से वह पुलिस की रिमांड पर है। सोमवार को आरोपी का रिमांड खत्म हो जाएगा और उसे दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।
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पुलिस ने कहा है कि गड़बड़ी काफी बड़ी है, इसलिए इसमें कई लोगों के शामिल होने की संभावना है। इसमें बैंक के कर्मचारियों के साथ नगर निगम के भी कई कर्मचारी शामिल हो सकते हैं। हालांकि अभी जांच चल रही है।