चंडीगढ़ पीजीआई के स्टोर कीपर विवेक ठाकुर ने पीजीआई परिसर स्थित अपने आवास में आत्महत्या कर ली। 15 दिनों के दौरान पीजीआई के तीन कर्मचारी आत्महत्या कर चुके है। ठाकुर की एनेस्थीसिया विभाग में ड्यूटी थी। वे पहले पीजीआई में क्लर्क थे। एक महीना पहले ही उनकी ज्वाइनिंग हुई थी।
इससे पहले सोमवार को पीजीआई की 50 वर्षीय रेडियोग्राफर सुपरवाइजर ने हाथ की नस काटकर आत्महत्या कर ली थी। मृतका नरिंदर कौर एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर में तैनात थीं। नरिंदर कौर के परिजनों ने पीजीआई के एक चिकित्सक, उनकी पत्नी और अन्य स्टाफ पर उन्हें परेशान करने का आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत पीजीआई चौकी पुलिस को दी थी।
उनके पति जगमिंदर ने बताया था कि उनकी पत्नी ने अपनी परेशानी के बारे में पीजीआई के चिकित्सक डा. संधू को मैसेज भेजकर वीआरएस दिलवाने की मांग की थी। उनको भेजे मैसेज में नरिंदर कौर ने लिखा था कि वह इतनी परेशान है कि वीआरएस लेना चाहती है। पति के मुताबिक, नरिंदर कौर ने मैसेज में कई बार प्लीज... प्लीज... लिखते हुए मदद की गुहार लगाई थी और लिखा था कि उन्हें अधीनस्थ कर्मचारियों के सामने बेइज्जत किया जाता है। इससे वह बहुत ज्यादा दबाव में है और इस तरह वह नौकरी नहीं कर पाएगी।
इससे पहले नर्सिंग स्टाफ ज्योति ने 28 फरवरी को अपनी जान दे दी थी।