यकृत - यकृत (लीवर) में पुनर्निर्माण की क्षमता होती है। यदि यकृत का एक हिस्सा दान कर दिया जाए तो वह फिर से वृद्धि या उसी स्थिति को प्राप्त कर लेता है।
गुर्दा - मनुष्य एक गुर्दे (किडनी) से भी जीवित रह सकता है, इसलिए दूसरे गुर्दे को दान किया जा सकता है।
फेफड़े - फेफड़े के एक भाग को दान किया जा सकता है। यह यकृत के विपरीत हैं, क्योंकि फेफड़ों में पुनर्निर्माण की क्षमता नहीं होती है।
अग्न्याशय - अग्न्याशय का एक भाग दान किया जा सकता है।
आंत - आंत का एक हिस्सा दान किया जा सकता है।
पीजीआई में 2015 से अब तक कितना अंगदान
वर्ष अंगदान
2015 70
2016 64
2017 104
2018 82
2019 69
2020 मार्च से अब तक 37
कोरोना काल में भी पीजीआई में अंगदान की प्रक्रिया संचालित होती रही। यह हमारे कुशल विशेषज्ञों के बेहतर प्रबंधन व अंगदाता परिवारों के सहयोग का ही नतीजा है। पीजीआई का यही प्रयास है कि कोविड के साथ ही नॉन कोविड मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सकीय सुविधा बिना बाधा के उपलब्ध होती रहे। -प्रो. जगतराम, निदेशक, पीजीआई