प्रो. राजेश कुमार से जब पूछा गया कि वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है, ऐसे में कोरोना का खतरा कैसे बढ़ सकता है? इस पर उनका कहना था कि वैक्सीन सिर्फ कोरोना की गंभीरता को कम करता है, लेकिन उसके प्रसार पर ज्यादा असर नहीं डालता। इसका मतलब है कि एक शरीर से दूसरे शरीर में वायरस के जाने से रोकने में वैक्सीन प्रभावकारी नहीं है। कई ऐसे केस सामने आए हैं, जिनमें लोगों ने वैक्सीन की दोनों डोज लगाई थी और इसके बावजूद वे कोरोना से ग्रसित हुए। इनसे दूसरे लोगों में भी कोरोना फैला है। मगर इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि वैक्सीन से दूरी बनाएं। वैक्सीन लगवाने के बाद कोरोना तो हो सकता है लेकिन वह लोगों को अस्पताल जाने से रोकता है। इसके बाद कोरोना होगा तो वह सिर्फ खांसी व जुकाम तक सीमित रहेगा।
तीसरी लहर आने की पूरी आशंका है : प्रो. जगतराम
पीजीआई निदेशक प्रो. जगतराम का कहना है कि कोरोना की तीसरी लहर आने की पूरी आशंका है, लेकिन इतना तय है कि इस बार यह दूसरी लहर जितनी खतरनाक नहीं होगी। 30-35 फीसदी ऐसे लोग हैं, जिनमें अभी एंटीबाडीज नहीं बन पाई है, इसलिए खतरा अब भी बरकरार है। तीसरी लहर से निपटने के लिए पीजीआई के साथ चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग पूरी तैयारी के साथ जुटा है कि आपात स्थितियों से निपटने में इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी आड़े न आए।
ये कदम जरूर उठाएं
- तय समय में वैक्सीन की दोनों डोज लगवाएं
- ज्यादा भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचें
- जहां पर हवा आर-पार की सुविधा न हो, वहां जानें से बचें
- बच्चों की इम्युनिटी बढ़ाने पर विशेष ध्यान रखें
- बच्चों को जंक फूड देने के बजाय उन्हें स्वास्थ्यवर्धक खाना दें