देश के कई हिस्सों में संक्रमण दर बढ़ने से चंडीगढ़ में भी कोरोना को लेकर लोगों के मन में डर बढ़ने लगा है। ऐसे में लोग बूस्टर डोज को लेकर भी गंभीरता दिखाने लगे हैं लेकिन बच्चों के टीकाकरण अभियान में अभी कुछ हद तक अभिभावकों के मन में डर और भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
कोरोना टीकाकरण अभियान में चंडीगढ़ में वयस्कों का लक्ष्य काफी पहले ही हासिल कर लिया गया है। अब सरकार के निर्देशानुसार बच्चों के टीकाकरण अभियान पर ध्यान दिया जा रहा है। 15 से 18 साल के बच्चों का टीकाकरण 95 प्रतिशत से ज्यादा हो चुका है। वहीं 12 से 14 साल के बच्चों में अभी भी झिझक और डर है। ऐसी स्थिति में तय लक्ष्य को प्राप्त करने में आ रही बाधा को दूर करने में अभिभावक और शिक्षक सहयोगी साबित हो सकते हैं। मेरी अपील है कि महामारी के खात्मे के लिए सभी आगे आकर अपने कर्तव्य का पालन करें। -डॉ. सुमन सिंह, निदेशक स्वास्थ्य
जब तक बच्चों के लिए कोविड का टीका उपलब्ध नहीं था, तब तक सभी अभिभावकों को इस बात की चिंता सता रही थी कि महामारी से उनके बच्चों की सुरक्षा कैसे होगी। अब जब सरकार ने बच्चों के लिए टीका उपलब्ध करवा दिया है, तब लोग बेकार के भ्रम में पड़कर बच्चों को टीका लगवाने से पीछे हट रहे हैं। यह जानबूझकर मुसीबत मोल लेने वाली स्थिति है। संक्रमण दर देश के कई हिस्सों में बढ़ने लगी है। ऐसे में अगर अब भी बच्चों को टीका लगवाने में अनदेखी की गई तो उनकी सेहत पर भारी असर पड़ सकता है। मेरा कहना है कि अभिभावक जागरूक बनें और जल्द अपने बच्चों को टीके की सुरक्षा प्रदान करें। -रोहित गुप्ता, ज्वाइंट कमिश्नर, नगर निगम
बात बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी हो तो उसमें अनदेखी भला कैसे की जा सकती है। अभिभावकों से मेरा बस यही कहना है कि बच्चों को टीका लगवाने में किस तरह की कोताही न बरतें क्योंकि शोध से भी यह बात साबित हो चुकी है कि टीके के प्रभाव से संक्रमण की गंभीरता काफी हद तक कम हो जाती है। ऐसे में जब संक्रमण बढ़ने का खतरा हर तरफ बढ़ने लगा है, तब हमें बचाव के उपाय पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। इसके अंतर्गत बच्चों को जल्द टीका लगाकर सुरक्षित करने का प्रयास सबसे पहले किया जाना चाहिए। -केतन बंसल, एसपी सिटी
महामारी के इस दौर में बचाव के लिए हम सभी को सचेत होने के साथ जागरूक रहने की भी जरूरत है। संक्रमण से बचाव के लिए मास्क और सामाजिक दूरी के मानकों का पालन करने के साथ ही टीका लगवाना भी हमारा दायित्व है। अगर हम अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के प्रति ही अनदेखी का रवैया दिखाएंगे तो फिर संक्रमण पर विजय कैसे मिलेगी। मेरी लोगों से अपील है कि वे खुद के साथ ही अपने बच्चों को भी जल्द कोरोना का टीका लगवाए, ताकि संक्रमण होने पर भी स्थिति गंभीर होने की नौबत न आए। -विनय प्रताप सिंह, डीसी