पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अपनी तरह के एक अलग मामले में कोर्ट को गुमराह करने पर प्रेमी जोड़े पर 25 हजार का जुर्माना लगाया है। हालांकि हाईकोर्ट ने पंचकूला के पुलिस कमिश्नर को जोड़े की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए जोड़े ने बताया कि लड़की की आयु 20 साल है और लड़के की साढ़े 19 साल। दोनों ने विवाह किया है तथा उनकी जान को परिवार वालों से खतरा है। जब याचिका के साथ विवाह प्रमाणपत्र और विवाह की तस्वीरें नहीं मिलीं तो हाईकोर्ट ने इस पर जवाब मांगा। हाईकोर्ट ने मंदिर और पुजारी का नाम भी बताने को कहा था। जोड़े की ओर से इसके लिए समय की मांग की गई।
गली सुनवाई पर जोड़े ने अर्जी दाखिल कर बताया कि शादी मंदिर में नहीं हुई थी और न ही कोई पुजारी था। वह अंबाला के एक होटल में रात को रुके थे। होटल में ही लड़के ने लड़की की मांग भरी और बर्तन में आग जलाकर सात फेरे लिए हैं।
हाईकोर्ट ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि लड़के की आयु विवाह के लिए तय न्यूनतम आयु से कम है ऐसे में यह विवाह वैध नहीं है। इसके साथ ही इस प्रकार के विवाह की दलील और कुछ नहीं बल्कि कोर्ट को गुमराह करने का प्रयास है। हाईकोर्ट ने कहा कि जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा सांविधानिक अधिकार है, जिससे जोड़े को वंचित नहीं रखा जा सकता।
हाईकोर्ट ने पंचकूला के पुलिस कमिश्नर को प्रेमी जोड़े की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। साथ ही न्यायालय को गुमराह करने के प्रयास के चलते जोड़े पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया है।