शिकायत के बाद निगम ने अपने अतिक्रमण हटाने वाले दस्ते से सर्वे कराया था, जिसमें पता चला कि जो साइटें ठेकेदार को दी गई हैं, वह केवल कागजों में ही हैं। उनकी सही जगह का पता ही नहीं है। सेक्टर-36 में मार्केट वालों ने भी इसका विरोध कर दिया था। निगम ने कोई पेड़ के नीचे तो कोई पोल के बगल से साइट बना दी थी। इस रिपोर्ट के आधार पर निगम ने वर्ष 2021-22 के लिए केवल 21 ही साइटों पर आवेदन मांगे थे। शेष साइटों को रद्द कर दिया था।
इस बार मार्किंग और साइन बोर्ड भी लगाने के निर्देश
उप निरीक्षकों की ओर से सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद निगम ने हर साइट पर मार्किंग के साथ ही साइन बोर्ड लगाने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि किसी साइट के लिए कोई समस्या न हो। इसके अलावा पिछली बार ज्यादा जगह घेरने की भी शिकायत मिली थी। अब मार्किंग उतनी ही जगह पर की जाएगी, जितनी तय है।
मामला आया तो था, लेकिन मुझे फिलहाल ठीक से याद नहीं है। इस पूरे मामले को मैं दिखवा लेता हूं। किसी व्यक्ति के साथ इस तरह कुछ गलत नहीं होने देंगे। -सौरभ अरोड़ा, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम