महिला डीएसपी अंजिता चेपियाल पर बेगार कराने और भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद मचे हड़कंप के बीच आईजी आरपी उपाध्याय ने सभी पुलिस अधिकारियों और थाना-चौकी प्रभारियों की क्लास लगाई।
सेक्टर-9 पुलिस मुख्यालय में शनिवार को अचानक बुलाई बैठक में आईजी ने सभी को समझाया कि बेगार कराने और भ्रष्टाचार के मामलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर किसी के खिलाफ ऐसा करने के सुबूत मिले तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
तीन बड़ी हिदायतें दीं
बैठक में आईजी ने पुलिस अधिकारियों को तीन प्रमुख हिदायतें दीं। उन्होंने कहा कि कोई भी सीनियर अफसर किसी से बेगार नहीं करवाएगा। सीनियर अफसर तंग करे तो सीधे मेरे पास आओ, सोशल साइट पर इस्तीफे की बात न हो। अपने इलाके में गश्त बढ़ाओ और अपराध रोको।
अंजिता और यशपाल नहीं आए बैठक में
अरोपों से घिरीं अंजिता चेपियाल और उन पर आरोप लगाने वाले इंस्पेक्टर यशपाल विनायक इस बैठक में शामिल नहीं हुए। बैठक में सभी दोनों के आने का काफी देर तक इंतजार करते रहे। बैठक में एसएसपी डॉ सुखचैन सिंह गिल, एएसपी परमिंदर सिंह, एएसपी उर्विजा गोयल, डीएसपी, थाना प्रभारी और चौकी इंचार्ज मौजूद थे।
यशपाल को शिकायत देने के आदेश
इस बीच आईजी की ओर से इंस्पेक्टर यशपाल विनायक फिर से अपनी शिकायत देने और बेगार के बिल अटैच करने को कहा गया है। यशपाल ने पहले सोशल साइट पर भेजे मैसेज को ही शिकायत के रूप में टाइप कर भेज दिया था।