Chandigarh: पंजाब में विभिन्न स्थानों पर खनन के लिए जारी टेंडर और ऑक्शन की प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही टेंडर व ऑक्शन प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।
पंजाब में विभिन्न स्थानों पर खनन के लिए जारी टेंडर और ऑक्शन की प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही टेंडर व ऑक्शन प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।
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चंडीगढ़ निवासी गगनेश्वर वालिया ने सीनियर एडवोकेट गुरमिंदर सिंह गेरी के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब सरकार ने 29 अगस्त और 5 सितंबर को खनन व डिसिल्टिंग के लिए टेंडर नोटिस जारी किया है। याची ने कहा कि यह टेंडर नोटिस अवैध है और गलत तरीके से जारी किया गया है। यह नोटिस जारी करते हुए पर्यावरण को नजरअंदाज किया गया है। इस प्रकार जल्दबाजी में जारी किए गए टेंडर से राज्य में अवैध खनन बढ़ेगा।
सुप्रीम और हाईकोर्ट के तय नियमों के खिलाफ
कोर्ट को बताया गया कि यह टेंडर नोटिस सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के तय नियमों और सस्टेनेबल सैंड माइनिंग गाइडलाइन्स-2016 के खिलाफ है। इसके साथ ही केंद्र सरकार द्वारा जारी एन्फोर्समेंट मॉनिटरिंग गाइडलाइन्स फॉर सैंड माइनिंग 2020 का भी उल्लंघन है। माइनिंग और साइटों की डिसिल्टिंग के लिए पहले जिला सर्वे रिपोर्ट तैयार करना जरूरी होता है, जो नहीं की गई और न ही पर्यावरण क्लियरेंस ली गई है।
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सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को विश्वास दिलाया कि अगली सुनवाई तक टेंडर की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। इसके बाद हाईकोर्ट ने टेंडर प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए सुनवाई स्थगित कर दी।
सीमा से सटे क्षेत्रों में खनन पर हाईकोर्ट पहले ही लगा चुका है रोक
एक अन्य याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सीमा से सटे क्षेत्र में खनन को देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताया था। कोर्ट को बताया गया था कि खनन की आड़ में आतंकी देश में प्रवेश कर सकते हैं। हाईकोर्ट ने उस याचिका पर सुनवाई करते हुए सीमा से सटे क्षेत्र में खनन पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी।