चंडीगढ़ क्लब के चुनाव की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को कार्यकारिणी की बैठक हुई। इसमें यह निर्णय लिया गया कि 30 जनवरी को ही चुनाव होंगे जबकि पांच जनवरी से आचार संहिता लागू कर दी जाएगी। 10 जनवरी को जनरल हाउस की मीटिंग बुलाई गई है। क्लब के अध्यक्ष संदीप साहनी का कहना है कि 15 जनवरी से नामांकन शुरू हो जाएंगे। दस साल से चंडीगढ़ क्लब के चुनाव नहीं हुए हैं। 11 साल बाद अब चुनाव हो रहे हैं।
पंजाब, हरियाणा और हिमाचल का सबसे बड़ा क्लब
पंजाब, हरियाणा, हिमाचल के साथ साथ यह शहर का सबसे बड़ा क्लब है। इस क्लब के कुल आठ हजार सदस्य हैं, इनमें 6500 मतदाता चुनाव में भाग लेंगे। इसकी सदस्यता लेने के लिए नए लोगों को कई तरह की सिफारिश भी करवानी पड़ती है।
2004 में हुआ था चुनाव
इससे पहले साल 2004 के नवंबर में चुनाव हुआ था। उस समय मुकेश बस्सी अध्यक्ष चुने गए थे, लेकिन 2011 के नगर निगम के चुनाव में पार्षद बनने के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उपाध्यक्ष संदीप साहनी ने अध्यक्ष पद ग्रहण कर लिया था। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित कुल 10 पदों के लिए चुनाव होते हैं।
अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के अलावा आठ कार्यकारी सदस्यों के लिए चुनाव होता है जबकि चुनाव के बाद निर्वाचित कार्यकारिणी दो मनोनीत कार्यकारी सदस्यों को चुनती है। यह शहर का सबसे पुराना क्लब है। इसके कई वीआईपी, पंजाब व हरियाणा के मंत्री, जज, आईएएस अधिकारी और व्यापारी सदस्य हैं। साल 1957 से यह क्लब चल रहा है। चंडीगढ़ क्लब कुल एरिया 8.5 एकड़ है।
एक साल के कार्यकाल के लिए होता है चुनाव
नियम के अनुसार क्लब की नई कार्यकारिणी का कार्यकाल एक साल के लिए होता है, उसके बाद फिर से चुनाव होने जरूरी हैं। लेकिन दस साल से चुनाव न होने का कारण यह है कि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चंद अरजियां विचाराधीन थीं। चुनाव पर चंद सदस्यों ने चुनौती दी हुई थी।
कौन कौन हो सकते हैं दावेदार
अध्यक्ष पद के लिए संदीप साहनी, विनोद गुप्ता और सुनील गुप्ता का नाम दावेदार के तौर पर सामने आ रहा है। इसके साथ पूर्व अध्यक्ष एवं कांग्रेस पार्षद मुकेश बस्सी भी अपने गुट से किसी को मैदान में उतारने की तैयारी कर रहे हैं।