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मिलिए, शहर के पहले ब्यूटी पार्लर की ऑनर सुलोचना से

Wed, 07 May 2014 12:39 PM IST
शंकर सिंह/अमर उजाला, चंडीगढ़
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ब्यूटी पार्लर आजकल की महिलाओं की बेशक एक बहुत बड़ी जरूरत है लेकिन इसी ब्यूटी पार्लर से शहर की सुलोचना ने सजाया है 210 लड़कियों की जिंदगी को। सुलोचना ने अपने ब्यूटी पार्लर में प्रशिक्षित किया है उन 210 लड़कियों को जो सुन नहीं सकतीं न ही कुछ बोल सकती हैं।
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शहर का पहला ब्यूटी पार्लर खोलने वाली सुलोचना की जिंदगी में कई ऐसे मोड़ आए जिसने उन्हें ब्यूटी एक्सपर्ट बनाया साथ ही 210 लड़कियों के लिए जिंदगी का एक बेहतरीन रास्ता दिखाया । अमर उजाला से हुई खास बातचीत में सुलोचना ने साझा किए अपनी जिंदगी के अहम पल।
 
सुलोचना ने कहा कि उनकी बड़ी बेटी सुनने में अक्षम थी, इस वजह से उन्हें सामान्य स्कूल में पढ़ाने में दिक्कत आती थी। स्कूल के बाद सुलोचना ने अपनी बेटी को गर्वनमेंट आर्ट कालेज में भर्ती करवाया लेकिन सुन न पाने की वजह से कालेज वालों ने उनकी बेटी को पढ़ाने में अपनी अक्षमता जाहिर की।
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सुलोचना ने कहा कि उस दौरान वह अपनी बेटी के भविष्य के लिए चिंतित रहने लगी। बेटी के भविष्य के लिए उन्होंने सोचा कि क्यों ने वह अपनी बेटी को ब्यूटी एक्सपर्ट बनाए। इसलिए सन 1979 में सुलोचना ने दिल्ली में ब्यूटी एक्सपर्ट शहनाज हुसेन से अपनी बेटी को छह महीने की ट्रेनिंग दिलाई।

सुलोचना ने कहा कि उस दौरान उन्हें भी अपनी बेटी के साथ रहना पड़ता था क्योंकि वह उन्हें कोर्स के दौरान भाषा को समझाने में मदद करती थी। सुलोचना ने अपनी बेटी को सीखाते- सीखाते खुद भी ब्यूटी एक्सपर्ट बन गई और यू शुरूआत हुई शहर के पहले ब्यूटी पार्लर की जिसका नाम रखा गया सुलोचना ब्यूटी पार्लर। सुलोचना ने यह ब्यूटी पार्लर अपने घर में ही खोला।

सुलोचना ने कहा कि जब यह ब्यूटी पार्लर खोला गया तब उनकी बेटी और पड़ोस में रहने वाली उसकी सहेली (जो खुद भी बोल और सुन नहीं सकती थी) उनकी मदद करते थे। सुलोचना कहती है कि जब उन्होंने अपनी बेटी को इस दिशा में आगे बढ़ते देखा तो उन्हें ख्याल आया क्यों ने उन बच्चों के लिए ब्यूटी कोर्स शुरू किए जाए जो सुनने और बोलने में अक्षम है।

सुलोचना ने इसके बाद शहर भर से कई लड़कियों को ब्यूटी कोर्स करवाए। सुलोचना कहती है कि आज बहुत अच्छा लगता है जब इन लड़कियों को अपना ब्यूटी पार्लर खोलते देखती हूं। अहुजा ने कहा कि ज्यादातर लड़कियों को स्वयं सेवी संस्था उनके पास लाते है, शुरू में इनसे बातचीत करना उन्हें थोड़ा मुश्किल होता है लेकिन धीरे धीरे उनके साथ तालमेल बेठ जाता है।

सुलोचना ने कहा कि उन्हें लिप रीडिंग अच्छे से आती है लेकिन फिर भी जब भी कोई नया बच्चा आता है उसे सीखाने में दिक्कत होती है, एक हफ्ता उन्हें सिर्फ लिपस्टिक को समझाने में लग जाता है। सुलोचना ने कहा कि इसमें काफी धैर्य चाहिए, उन्हें इस कार्य को करके खुशी मिलती है।

सुलोचना ने कहा कि वह अभी तक 210 लड़कियों को ब्यूटी पार्लर का कोर्स करवा चुकी है, आजकल वह दो लड़कियों को ट्रेनिंग दे रही है। सुलोचना ने हाल ही में अपना 70 वां जन्मदिन भी सेलीब्रेट किया, उन्होंने कहा कि आजकल उम्र के बढ़ जाने से वह कई जगह जा नहीं पाती पहले उनके पंचकूला और चंडीगढ़ सेक्टर 18 में भी ब्यूटी पार्लर थे लेकिन अब उन्होंने अपने घर में ही ब्यूटी पार्लर खोला है और वहीं से सभी को ट्रेनिंग देती है। 
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